द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
JSSC-CGL परीक्षा के अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। प्रभावित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि JSSC-CGL को रद्द करने के मामले में दायर याचिका (W.P.(S) No. 6521 of 2026) पर सुनवाई के क्रम में उनका भी पक्ष सुना जाए। उन्हें भी अपनी बात रखने की इजाजत दी जाए। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि JSSC की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। भर्ती प्रक्रिया में कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। ऐसे में परीक्षा रद्द किए जाने से उनके अधिकार और भविष्य की संभावनाएं सीधे प्रभावित हो रही हैं।
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हस्तक्षेपकर्ताओं ने आवेदन में यह भी दावा किया है कि परीक्षा संचालन से जुड़ी TDPL को ब्लैकलिस्टेड संस्था बताया गया है। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में TSR Data Processing Pvt. Ltd. की सेवाएं लिए जाने पर भी सवाल उठाया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि उक्त एजेंसी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के एक मामले में ब्लैकलिस्ट किया गया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि ऐसी एजेंसी की भर्ती प्रक्रिया में भागीदारी से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। याचिका में कहा गया है कि आवेदक भर्ती प्रक्रिया में शामिल मेधावी अभ्यर्थी हैं और परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनके हित सीधे प्रभावित हो रहे हैं। उनका तर्क है कि मामले के अंतिम निर्णय से पहले प्रभावित अभ्यर्थियों को भी सुना जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप होगा।
