रांची
धान क्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के बयानों पर विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मरांडी के बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित हैं।
डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय मंत्री होने के नाते धान क्रय का लक्ष्य उन्होंने स्वयं तय किया है। पिछले वर्ष भी जुलाई तक धान क्रय की प्रक्रिया चली थी और इस वर्ष भी अभी पर्याप्त समय है। राज्य सरकार तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। कई जिलों में धान क्रय की स्थिति संतोषजनक है।
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गढ़वा जिले का ज़िक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि वहाँ धान क्रय बेहतर रहा है, जहां बाबूलाल मरांडी की बहू स्वयं डीएसओ के पद पर कार्यरत हैं। यदि उन्हें संदेह है तो वे वहीं से वास्तविक स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।
एमएसपी के मुद्दे पर डॉ. अंसारी ने कहा कि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने एमएसपी मद में झारखंड को राशि देना बंद कर दिया है। इसके बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। जब तक राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, झारखंड का किसान सुरक्षित है।
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उन्होंने मरांडी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें किसानों की सच में चिंता है तो दिल्ली जाकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से झारखंड के किसानों का हक़ मांगें और हिम्मत है तो केंद्र सरकार के खिलाफ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करें। डॉ. अंसारी ने कहा कि यह राज्य सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि हर जनप्रतिनिधि का है। किसानों के अधिकार की लड़ाई राजनीति से ऊपर उठकर लड़ी जानी चाहिए। “मैं किसान का बेटा हूँ और किसान, खेत व फसल की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूँ,” उन्होंने कहा।
