गुमला
गुमला जिले में किसान का बीटा खिलेश साहू ने मैट्रिक परीक्षा में 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दिव्यांशु उरांव के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया है. साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर न केवल अपने जिले बल्कि पूरे राज्य का नाम भी रोशन किया है. खिलेश साहू ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट रणनीति को दिया. उन्होंने बताया कि वे योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करते थे और किसी भी विषय या टॉपिक को तब तक नहीं छोड़ते थे जब तक उसे पूरी तरह समझ नहीं लेते थे. उनका कहना है कि वे अधूरे पाठ के साथ कभी सोने नहीं जाते थे. उनकी इस उपलब्धि से पूरे स्कूल में खुशी का माहौल है. शिक्षकों, परिवारजनों और रिश्तेदारों में गर्व और उत्साह की लहर है. खिलेश ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां स्वामी देवी, पिता और विद्यालय के शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान को बताया.
खिलेश की प्रारंभिक शिक्षा सिसई प्रखंड के छरदा शिशु मंदिर से शुरू हुई. पांचवीं कक्षा के बाद उन्होंने नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयारी की, लेकिन चयन नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने सातवीं कक्षा में संत पात्रिक स्कूल में प्रवेश लिया. आगे की पढ़ाई के लिए वे गुमला में अपनी मां के साथ किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करने लगे. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. इस कारण उनके पिता को दूसरे राज्य में काम करने जाना पड़ा. वे केवल बारिश के मौसम में खेती-बाड़ी के लिए घर लौटते थे. इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद खिलेश ने शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की.
