जमशेदपुर
जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र डुमरिया में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बेंगलुरु से एमबीए कर चुके डुमरिया के अजय कुमार नायक उर्फ सोनू और खैरबनी निवासी सैलून संचालक विकास बारिक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड घाटशिला निवासी कृष्णा ओझा है, जिसकी तलाश जारी है। मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपियों ने साइबर ठगी के जरिए पंजाब के पटियाला निवासी करण जैन के खाते से 3.08 लाख रुपये गायब कर दिये थे। इस मामले में पीड़ित ने पटियाला साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी थी, जिसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि इसी वर्ष जनवरी में करण जैन को एक फर्जी लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनके बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर हो गयी।

प्रतिबिंब पोर्टल पर मामला दर्ज होते ही हरकत में आयी पुलिस
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया के खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर मामला दर्ज होते ही डुमरिया पुलिस हरकत में आयी और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया। छापेमारी टीम में डीएसपी मुसाबनी रोहित कुमार राजवार समेत डुमरिया थाना की पुलिस शामिल थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अजय नायक के खाते से करीब 80 हजार रुपये और सैलून संचालक विकास के खाते से करीब 2.50 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन डिटेल्स मिला है। पुलिस जांच में यह बात सामने आयी कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क को घाटशिला निवासी कृष्णा ओझा संचालित कर रहा था। कृष्णा ने ही सैलून संचालक और अन्य लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी का नेटवर्क तैयार किया था। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कृष्णा की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

ओटीपी के बिना खाते से उड़ाये 5 लाख
जमशेदपुर में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। साइबर अपराधी अब बिना ओटीपी और मैसेज के भी लोगों के मोबाइल हैक कर बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ा रहे हैं। साकची आमबगान क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर उसके बैंक खाते से करीब पांच लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को इस ठगी की जानकारी तब हुई, जब मोबाइल चालू होते ही अचानक पैसे कटने के मैसेज आने लगे। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी है। पुलिस मामले की तकनीकी जांच में जुट गयी है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल से अचानक नेटवर्क गायब हो गया था। कुछ समय बाद फोन ने काम करना बंद कर दिया। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली। पैसे कटने को लेकर न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई संदिग्ध मैसेज मिला। जब तक उसे इसकी जानकारी हुई, तब तक अपराधी खाते से करीब पांच लाख रुपये निकाल चुके थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अज्ञात वीडियो कॉल या मैसेज से सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करायें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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