logo

धनबाद : मेयर पद के प्रत्याशी अमित अग्रवाल ने तेज किया संपर्क अभियान, महिला वोटरों का समर्थन जुटाने की कवायद

नगर1.jpg

द फॉलोअप डेस्क
राज्य में नगर निगम चुनाव 23 फरवरी को होनी तय है। ऐसे में इसका प्रचार-प्रसार सभी प्रत्याशियों द्वारा जोरों-शोरों से चल रहा है। सभी प्रत्याशी जनता के बीच पहुंचकर आशीर्वाद मांग रहे हैं और धनबाद के विकास को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। वहीं, धनबाद नगर निगम चुनाव को लेकर महापौर प्रत्याशी अमित कुमार अग्रवाल ने भी अपने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए हैं। बताते चलें कि जनसंपर्क के दौरान अमित अग्रवाल ने अपने क्षेत्र के सभी लोगों से मतदान करने और उन्हें समर्थन देने की अपील की। इस दौरान वे महिलाओं से समर्थन की अपील करते दिखे। इससे धनबाद का  चुनावी माहौल और अधिक दिलचस्प हो गया है। जानकारी के अनुसार, अमित अग्रवाल ने सिंदरी के भूतनाथ मंदिर, टैंक मोड़, केंदुआ बजरंगबली मंदिर, विनोद बिहारी चौक, भालगाड़ा सब्जी पट्टी सहित कई इलाकों में डोर टू डोर जनसंपर्क करते दिखे। बताते चलें कि उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और नगर निगम क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर भी बातचीत की। 

इसी क्रम में भालगाड़ा में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात में शामिल हजारों महिला-पुरुषों के बीच अमित कुमार अग्रवाल ने सभा को संबोधित किया। बताते चलें कि सभा को संबोधित करते हुए अमित अग्रवाल ने आज तक जितने भी सांसद, विधायक और महापौर चुने गए हैं उन सभी पर सवाल उठाया और कहा कि उन्होंने धनबाद के विकास को सही दिशा नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि चुनाव जीत जाने के बाद जनता की समस्याओं से ही दूर हो जाते हैं।  जिस कारण शहर में पानी, बिजली, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, प्रदूषण और आउटसोर्सिंग जैसी समस्याएं लगातार यथावत बनी हुई है। आगे उन्होंने कहा कि धनबाद जिला में प्रदूषण और आउटसोर्सिंग के कारण आम जनता काफी परेशान है। कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है।  वहीं, अमित कुमार अग्रवाल ने झरिया में विस्थापन और प्रदूषण का भी मुद्दा उठाया।

विस्थापन और प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डेढ़ साल पहले भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्री विधायक बनीं थी, लेकिन आज तक झरिया विस्थापन को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग के जरिए उत्खनन कर झरिया को डंपिंग यार्ड में बदल दिया गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। आगे अमित अग्रवाल ने कहा कि प्रदूषण के कारण झरिया, सिंदरी और धनबाद के आसपास के लोग कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। खासकर दमा और टीबी के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वहीं, उन्होंने खुद को एक व्यवसायी बताते हुए कहा कि वे राजनीति में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब वे जनता की सेवा और धनबाद के विकास के लिए महापौर पद का चुनाव लड़ रहे हैं। बताते चलें कि अमित अग्रवाल ने जनता से वादा करते हुए कहा कि यदि उन्हें महापौर चुना जाता है तो वे 24 घंटे में सिर्फ 6 घंटे सोएंगे और 18 घंटे जनता के लिए काम करेंगे।

Tags - Dhanbad Municipal Corporation election Dhanbad mayor election 23 February Amit Kumar Agrawal mayor candidate ward councillor election Dhanbad Sindri Bhutnath Temple campaign Tank Morh Dhanbad Kendua Bajrangbali Temple Vinod Bihari Chowk Bhalgora S