द फॉलोअप डेस्क:
रूस या ईरान की जगह अमेरिका या वेनेजुएला से तेल खरीदने और नैतिकता के प्रश्न पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपिय देशों को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हम कीमत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि उस समय बाजार में ज्यादातर तेल रूस का ही उपलब्ध था, क्योंकि यूरोपिय देश मुख्य रूप से मिडिल-ईस्ट से तेल खरीद रहे थे, जोकि कभी हमारी पारंपरिक सप्लाई थी। हालात ने हमें एक खास दिशा में धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि चूंकि आप नैतिक दुविधा की बात करते हैं तो मैं कहूंगा कि किसी भी यूरोपिय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि काश मैं भारत के मामले में यूरोपिय हथियारों के बारे में ऐसा कह पाता। विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोपिय देश ऐसे हथियार बेचते हैं, जिनका इस्तेमाल भारत पर हमले के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह आज की बात नहीं है, बल्कि वर्षों से ऐसा होता आ रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम भारतीयों ने कभी यूरोप को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया है। इसलिए मुझे लगता है कि यह वाजिब बात है।
India’s External Affairs Minister Jaishankar yet again shows mirror to Europe on the Russia question.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) June 11, 2026
“European sells weapons which are used to attack India, for many many years. We Indians have never done anything to endanger Europe”. pic.twitter.com/a65SY6iXx7
2022 तक रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं खरीदा
अमेरिकी राष्ट्रपति को लेकर विदेश मंत्री एस जयशसंकर ने कहा कि 2022 तक हमने रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं खरीदा था। हालात ने हमें उस बाजार में जाने को मजबूर किया और मुझे यह कहना होगा कि रूस लगातार सप्लाई करने वाला देश रहा है, क्योंकि वे कार्गो भी उपलब्ध कराते हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि आप जाकर तेल खरीदते हैं, जो भी तेल सबसे सही कीमत पर आसानी से मिल रहा हो। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग यह बात याद रखें। उन्होंने कहा कि उस समय अमेरिका ने खासतौर पर भारत से रूस का तेल खरीदने को कहा था, ताकि दुनिया के बाजारों में स्थिरता बनी रही।
यदि आप देखें तो पिछले साल रूस से तेल खरीदने पर हम पर टैरिफ लगाने के बाद, अमेरिका ने फिर से अपने प्रतिबंध हटा लिए। इसलिए ऐसा दिखावा नहीं करना चाहिए कि इसमें कोई बड़ा सिद्धांत शामिल है।

विदेश मंत्री ने यूरोपिय देशों को आइना दिखाया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कभी हां और कभी हां ठीक नहीं है। जब चीजें आपके अनुकूल है तो करो और जब प्रतिकूल हो तो मत करो। हम सब समझदार लोग हैं और समझते हैं कि खेल क्या है। उन्होंने कहा कि उसे नैतिकता का मुद्दा बनाना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज हमारा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रूस है जो कुल सप्लाई का लगभग 40 फीसदी है। सबसे ज्यादा गैस की सप्लाई अमेरिका से होती है, जबकि इसी साल 28 फरवरी तक ऐसा नहीं था। तब गैस का मुख्य सप्लायर कतर था।