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झारखंड बजट 2026-27 : पर्यटन, महिला-बाल विकास, मेडिकल कॉलेज, कैंसर सुविधाएं, स्कूल और आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने वाले विकास योजनाओं पर जोर

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द फॉलोअप डेस्क
वित्तीय वर्ष 2020-27 के लिए 1,58,560 करोड रुपये का सकल बजट पेश हुआ है। जो गत वर्ष से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्य व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड (1) लाख 20 हजार 851 करोड़ 90 लाख) रुपये प्रस्तावित है, जो गत वर्ष से 9.2 प्रतिशत अधिक है। पूँजीगत व्यय अन्तर्गत गत वर्ष के बजट पर 8 5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 37,708.10 करोड़ (37 हजार 708 करोड़ 10 लाख) रुपये का प्रस्ताव है। 
राज्य को अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़ (46 हजार करोड) रुपये तथा गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़ (20 हजार 700 करोड़ रुपये केन्द्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़ (18 हजार 273 करोड़ 66 लाख) रुपये शाथा केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड (51 हजार 236 करोड़ 38 लाख) रुपये लोक ऋण से 22049.96 करोड़ (22 हजार 49 करोड़ 96 लाख रुपये एवं उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ (13 हजार 595 करोड 96 लाख) रुपये होने का अनुमान है. जो कि अनुमानित GSDP का 2.18 प्रतिशत है।


वर्तमान मूल्य पर झारखण्ड का GSDP वित्तीय वर्ष 2024 25 में लगभग 5 लाख 16 हजार करोड़ रुपये रहा। सरकार का प्रयास होगा कि अगले 5 वर्षों में इसे दूगुना किया जाय। इसके लिए हमें वर्तमान मूल्य पर करीब 14 प्रतिशत का विकास करना होगा। स्थिर मूल्य पर यह करीब 9 से 10 अतिशत की विकास दर होगी। 14.1 प्रतिशत की लक्षित विकास दर राज्य के मौजूदा संसाधनों का उपयोग करके, बाहरी कारकों, विशेष रूप से सूखे के प्रभाव को निष्प्रभावी करके और विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों को लागू करके हासिल की जाएगी। 
विभिन्न औद्योगिक नीलियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 हजार करोड़ का निवेश लाया जाएगा जिससे राज्य के लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में पर्यटन के क्षेत्र में रांची जिलान्तर्गत दशम जलप्रपात में ग्लास ब्रिज का निर्माण, जोन्हा जलप्रपात्त में ग्लास ब्रिज एवं रोप वे का निर्माण तथा हुण्डरू जलप्रपात रोप वे का विकास कार्य कराया जाएगा। रामगढ़ जिलान्तर्गत रजरप्पा में पर्यटकीय विकास के साथ-साथ पतरातु में स्काइवोंक एवं पतरातु जलाशय में सोलर बोट तथा फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट का अधिष्ठापन किया जाएगा।


वित्तीय वर्ष 2026-27 में लातेहार जिलान्तर्गत नेतरहाट में कोयल व्यू प्वाइंट पर ग्लास चाँच टॉवर का निर्माण एवं मैगनोलिया प्वाइंट में स्काइयोंक का निर्माण कराया जाएगा। देवघर जिलान्तर्गत पुनासी डैम का पर्यटकीय विकास, पलामू जिलान्तर्गत मलय डैम का पर्यटकीय विकास, चतरा जिलान्तर्गत कोलेश्वरी पहाड़ में रोप वे का विकास एवं खूँटी जिलान्तर्गत पेरखाघाघ जलप्रपात तथा पांडू पुडिंग पिकनिक स्थल के ईको पर्यटन सर्किट का विकास कार्य कराया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के काराओं में मोबाईल फोन के उपयोग को रोकने के उद्देश्य से 5G Cell Phone Jammer तथा Mobile Phone detector का क्रय कर अधिष्ठापन किया जायेगा।
इस वर्ष आउटकम बजट की योजनाओं में से बच्चों से संबंधित लगभग 138 योजनाओं के आधार पर बाल बजट तैयार किया गया है, जिसमें कुल 10 हजार 7 सौ 93 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि उपबंधित की गई है। यह राशि राज्य के कुल योजना आकार का लगभग 10.7 प्रतिशत है।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आउटकम बजट से संबंधित विभागों की योजनाओं के आधार पर जेन्डर बजट भी तैयार किया गया है। इस वर्ष 17 विभागों की योजनाओं में से महिलाओं से संबंधित लगभग 232 योजनाओं के आधार पर जेन्डर बजट तैयार किया गया है, जिसमें कुल 34 हजार 2 सौ 11 करोड़ 27 लाख रुपये की राशि उपबंधित की गई है।
सेक्टर (बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय संस्थान आदि का विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पर विशेष बल दिया जायेगा।

भारत का संविधान के अनुच्छेद 243 (1) सह पठित 243 (Y) के अधीन गठित पंचम राज्य वित्त आयोग प्रथम प्रतिवेदन राज्य सरकार को समर्पित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोग की अनुशंसाओं पर ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए संबंधित वित्तीय वर्ष में प्रतिनिधायन (Devolution) के रूप में स्थानीय निकायों को अंतरित की जाने वाली राशि पिछले वित्तीय वर्ष के राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व (Net Own Tax Revenue Receipts - NOTRR) का 4 (चार) प्रतिशत के रूप में तय किया गया है। तदनुसार पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के क्रम में स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अनुदान की कुल राशि 1172 करोड़ 66 लाख रुपये निर्धारित की गई है।


महिला किसान खुशहाली योजना प्रारम्भ की गयी है जिसके अंतर्गत महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़कर अद्यतन तकनीक की मदद दी जाएगी और ऑफलाईन एवं ऑनलाईन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया है।
गन्ना, जूट एवं अन्य नकदी फसलों का क्षेत्र विस्तार किया जाएगा। इस हेतु पुरानी योजना को नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना' पुनर्नामित करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 करोड़ 88 लाख रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है।
प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक लैंप्स/पैक्स में कॉपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स-सह-सोलर पैनल आधारित कोल्ड रूम के निर्माण पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 162 करोड़ 20 लाख 90 हजार का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है।
झारखण्ड के सभी राजकीय पोलिटेकनिक (17) राजकीय पोलिटेकनिक एवं 06 नवनिर्मित पोलिटेकनिक) को J-PRAGATI Scheme (Jharkhand Polytechnic Revamping for Advanced Graduate and Innovation led Technical Institution) के तहत IIT एवं NIT के तर्ज पर Jharkhand Institute of Technology (JhIT) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।

झारखण्ड राज्य के चतरा जिला मुख्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
कैंसर रोग की रोकथाम के लिए झारखण्ड के सभी पांच तरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में PET & CT Scan मशीन का अधिष्ठापन किया जाएगा। प्रारंभिक अवस्था में ही ब्रेस्ट कैंसर रोग की पहचान कर लिए जाने के उद्देश्य से राज्य के सभी 24 जिला सदर अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कैथलैब की स्थापना की जाएगी।
राज्य में 750 अबुआ दवाखाना खोले जाने का लक्ष्य है। इसके माध्यम से लोगों में सस्ती एवं गुणवंतापूर्ण दवा उपलब्ध करायी जाएगी।
राज्य के 06 वयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से AI (Artificiai Intelligence) विषय पर प्रशिक्षण प्रारंभ करने की योजना है।
लघु वन पदार्थ का उन्नयन योजना के अंतर्गत पलामू वन प्रमंडल के कन्दरी लाह फॉर्म का जोर्णोद्धार एवं विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि लाह उत्पादन में वृद्धि हो सके एवं स्थानीय ग्रामीणों को आय के साथ-साथ रोजगार का सृजन हो सके।


मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1644 कि०मी० पथ का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए पथों के निर्माण हेतु 1,000 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 122 अदद पुल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुलों के निर्माण कार्य हेतु 730 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) मंच के माध्यम से झारखण्ड ने 01 लाख 24 हजार 230 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए जिनसे इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।