द फॉलोअप डेस्क
रांची के पूर्व डीसी निलंबित आईएएस छवि रंजन छह दिन तक ईडी की हिरासत में रहेंगे। जेल से अपने कार्यालय लाकर ईडी के अफसर उनसे पूछताछ कर रहे हैं। इधर, चेशायर होम रोड स्थित एक एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने 8 मई को विष्णु अग्रवाल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दरअसल ईडी ने छवि रंजन के कस्टडी पिटीशन में कोर्ट को बताया है कि विष्णु अग्रवाल ने छवि के गोवा टू्र का पूरा खर्च उठाया था। दूसरी ओर 8 मई को ही लखन सिंह, राजेश राय व भरत प्रसाद को भी ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। मालूम हो कि इन तीनों के ठिकानों पर बीते दिनों ईडी ने छापेमारी की थी। मिली जानकारी के अनुसार ईडी इन चारों को छवि रंजन के सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। ऐसा इसलिए कि कोई भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज न कर पाए।

दिलीप घोष से 10 मई को पूछताछ करेगी ईडी
सेना के कब्जे वाली जमीन प्रदीप बागची से खरीदने वाले जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष से भी ईडी पूछताछ करेगी। ईडी ने दिलीप घोष को पूछताछ के लिए 10 मई को बुलाया है। मालूम हो कि प्रदीप बागची ने इस जमीन को महज सात करोड़ में बेची थी। जबकि, खरीद-बिक्री के समय सरकारी दर के अनुसार उसकी कीमत 20.75 करोड़ रुपए थी। वहीं, दिलीप घोष ने महज 25 लाख रुपए ही प्रदीप बागची के खाते में भुगतान किया था। शेष राशि फर्जी तरीके से विभिन्न चेक के माध्यम से भुगतान दिखाया था। ऐसे में इन सभी बिंदुओं पर ईडी पूछताछ करेगी।

प्रत्येक अंचल से 2.5 लाख लेते थे छवि
ईडी ने छवि रंजन को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में जो दस्तावेज सौंपा है उसके अनुसार रांची के सभी 22 अंचल कार्यालयों से छवि रंजन की कमीशन तय थी। हर अंचल कार्यालय से प्रति माह दो से ढाई लाख रुपए वे कमीशनल ते थे। ईडी की मानें तो ये पैसे छवि के एक काफी करीबी व्यक्ति के माध्यम से पहुंचाए जाते थे। इसके अलावा छवि रंजन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कई लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाकर पैसे वसूले। धोखाधड़ी करने में मदद की और तथ्यों को छिपा कर रखा। मालूम हो कि छवि रंजन 15 जुलाई 2020 से 10 जुलाई 2022 तक रांची में डीसी के पद पर कार्यरत थे।

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