द फॉलोअप डेस्क
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण करने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। बुधवार को अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ताराचुआं गांव पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से करीब तीन कट्ठा सरकारी जमीन पर बने अवैध मकान और चहारदीवारी को ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई।

शिकायतों के बाद पहले रद्द हुई ग्राम प्रधानी
प्रशासन के अनुसार, ताराचुआं गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम पर सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर कब्जा कर मकान और चहारदीवारी बनाने का आरोप था। ग्रामीण लगातार इस मामले की शिकायत अंचल कार्यालय में कर रहे थे। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर ने अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद एसडीओ ने सोम हेम्ब्रम की ग्राम प्रधानी रद्द कर दी। ग्राम प्रधानी समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया।

सरकारी जमीन पर कब्जा किसी कीमत पर नहीं होगा बर्दाश्त
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ हुई यह कार्रवाई पूरे शिकारीपाड़ा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।