द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व स्वास्थ्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार और उनके भाई राजेंद्र कुमार सहित तीन आरोपियों की क्रिमिनल रिवीजन की सुनवाई हुई। इस दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत से वक्त देने का आग्रह किया गया। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। वहीं, इस मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को तय की गई है।
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ईडी कोर्ट ने वर्ष 2019 डिस्चार्ज पिटिशन कर दिया था खारिज
जानकारी के मुताबिक ED कोर्ट ने वर्ष 2019 में दवा घोटाला मामले में आरोपी डॉ प्रदीप कुमार, उनके भाई राजेंद्र कुमार एवं व्यवसाई धर्मेंद्र कुमार धीरज की डिस्चार्ज पिटिशन खारिज कर दी थी। जिसके बाद प्रार्थी की ओर से ED कोर्ट द्वारा उनके डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जिसमें कहा गया कि उनके खिलाफ मनी लांडिंग का मामला नहीं बनता है। दवा एवं अन्य सामान की खरीद के लिए उन्होंने केवल स्वीकृति प्रदान की थी। पैसे का कोई लेन-देन का मामला नहीं बनता है। बता दें कि मामले को लेकर सीबीआई ने डॉ प्रदीप कुमार एवं अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी के आधार पर ED ने भी इनके खिलाफ ECIR 2-2018 दर्ज किया है।

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