द फॉलोअप डेस्क
आगामी मुहर्रम पर्व-2025 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुहर्रम के अवसर पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि मुहर्रम के दौरान जुलूस, ताजिया यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियों के समय विधि-व्यवस्था संधारण सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सभी समुदायों की धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी और फ्लैग मार्च जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती से नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक ने दी स्पष्ट चेतावनी
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने कहा कि जिले में शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें करें और लोगों को सतर्क करें। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि ड्रोन कैमरों के माध्यम से जुलूस की निगरानी की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
बैठक में प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जाॅन आईन्द, सदर डीएसपी विजय कूशवाहा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनू कुमार मिश्रा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी , अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे।
सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन के साथ-साथ आमजन एवं समुदाय के प्रबुद्ध जनों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक स्थानीय शांति समितियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि मुहर्रम जुलूस के मार्ग का भौतिक सत्यापन किया जाए और किसी भी प्रकार की बाधा को पहले ही दूर किया जाए। बिजली के तारों, सड़कों की मरम्मत, जलजमाव की स्थिति आदि पर भी विचार-विमर्श किया गया। किसी भी प्रकार की सुचना जिला प्रशासन को दे सकते हैं
