हजारीबाग
हजारीबाग में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के गिरते स्तर पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी चिंता व्यक्त की. साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने के मुद्दे भी उठाए गए. बैठक में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि हजारीबाग जिले का अनुभव संतोषजनक नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि कई अधिकारी अपने कार्यों के प्रति अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं. हालांकि, जिले में नई प्रशासनिक टीम के गठन के बाद बेहतर कार्य की उम्मीद जताई गई है. उन्होंने कहा कि बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सबसे अधिक चिंता व्यक्त की गई. जनप्रतिनिधियों ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया. स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित: मनीष जायसवाल
वहीं हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार बेहद आवश्यक है और इस संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं. सांसद ने बताया कि बैठक में पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई. अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया गया है.

विकास योजनाओं के लिए जारी किये गए निर्देश: DC हेमंत सती
बैठक में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो समेत जिले के उपायुक्त हेमंत सती और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि दिशा समिति की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई. बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विकास योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारा जा सके और जिले के समग्र विकास को गति मिल सके. गौरतलब है कि दिशा भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत गठित एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समिति है. इसका उद्देश्य जिले में संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, जैसे आवास, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि की समीक्षा करना तथा जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है.
