द फॉलोअप डेस्क
टेंडर हार्ट स्कूल में शुक्रवार को भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने टेंडर हार्ट स्कूल सहित झारखंड के आठ अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने को लेकर एक सार्थक एवं प्रेरणादायी संवाद किया। यह संवाद विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक और मार्गदर्शक सिद्ध हुआ। इस गौरवपूर्ण अवसर पर भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, टेंडर हार्ट स्कूल, रांची के चेयरमैन सुधीर तिवारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यगण, अभिभावक, भारतीय थलसेना एवं नौसेना के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत टेंडर हार्ट स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक मनोहारी एवं अनोखे सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई। इस प्रस्तुति की सराहना में रक्षा राज्य मंत्री, भारतीय नौसेना प्रमुख तथा समस्त दर्शक दीर्घा ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं और कलाकारों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मुख्य अतिथि इस प्रस्तुति से इतने अधिक प्रभावित एवं भावविभोर हुए कि उन्होंने विद्यार्थियों को दिल्ली आकर कार्यक्रम प्रस्तुत करने का विशेष निमंत्रण दिया।

इसके पश्चात टेंडर हार्ट स्कूल के चेयरमैन सुधीर तिवारी ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने विकसित भारत 2047 के विज़न पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का भविष्य आज इन्हीं विद्यालयों की कक्षाओं में सांस ले रहा है। बच्चों की जिज्ञासा, सोच और परिश्रम ही आने वाले समय में राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का यह अवसर ऐसा है, जहाँ शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण एक ही मंच पर साकार रूप में उपस्थित हैं।
इसके बाद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि यह समस्त रांचीवासियों के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भारतीय नौसेना प्रमुख स्वयं टेंडर हार्ट स्कूल परिसर में उपस्थित होकर विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान उन्होंने अत्यंत सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायी उत्तर दिए और पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रसन्नचित्त दिखाई दिए। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में A, B, C, D अपनाने की सलाह दी:
A for Attitude
B for Believe in Yourself
C for Character
D for Dream
उन्होंने कहा कि इन मूल मंत्रों को जीवन में आत्मसात कर लेने से निश्चित रूप से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने आगे कहा, “जीवन में सदैव प्रसन्न रहें। प्रसन्न होने के कारण खोजने की आवश्यकता नहीं है बस प्रसन्न रहें। जीवन अपने आप आसान हो जाएगा।” इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनसे विभिन्न समसामयिक एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में उत्तर दिया। कार्यक्रम का संचालन टेंडर हार्ट स्कूल की उप-प्राचार्या शिवांगी शुक्ला ने किया, जबकि विद्यालय के छात्र अक्षय दुबे ने समस्त विद्यार्थियों की ओर से भारतीय नौसेना प्रमुख एवं रक्षा राज्य मंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर टेंडर हार्ट स्कूल की प्राचार्या उषा किरण झा, निदेशक जे. मोहंती, उप-प्राचार्या शिवांगी शुक्ला, कविता किरण झा सहित सैकड़ों विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं अभिभावक उपस्थित थे।
प्रश्न-उत्तर सत्र के प्रमुख अंश
प्रश्न 1: झारखंड जैसे नक्सल प्रभावित राज्य के युवा विकसित भारत में कैसे योगदान दे सकते हैं?
उत्तर: युवा छात्र देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें, कड़ी मेहनत करें और जो भी कार्य करें, उसे पूरी निष्ठा के साथ करें यही विकसित भारत में उनका सबसे बड़ा योगदान है।
प्रश्न 2: आज के छात्र किन सामान्य गलतियों के कारण योग्यता होने के बावजूद सफल नहीं हो पाते?
उत्तर: यदि सफलता नहीं मिल रही है, तो कहीं न कहीं परिश्रम या सही योजना में कमी है। या तो अपनी रणनीति बदलिए, या अपनी वास्तविक क्षमता को सही ढंग से पहचानिए।
प्रश्न 3: स्कूली पढ़ाई के साथ SSB इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें?
उत्तर: SSB इंटरव्यू से डरने की आवश्यकता नहीं है। शांत रहिए, प्रश्न सामान्य होते हैं। अधिकांश अभ्यर्थी अनावश्यक चिंता और अत्यधिक सोच के कारण ही असफल हो जाते हैं।
प्रश्न 4: बदलते वैश्विक परिदृश्य में क्या भारतीय नौसेना लंबे समय तक युद्ध करने में सक्षम है?
उत्तर: भारतीय नौसेना न केवल लंबे समय तक युद्ध करने में सक्षम है, बल्कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में विजय प्राप्त करने की पूर्ण सामर्थ्य भी रखती है।
प्रश्न 5: जब हम विश्व शांति की बात करते हैं, तो फिर हथियारों की खरीद क्यों बढ़ रही है?
उत्तर: विश्व शांति केवल बातों से संभव नहीं है। जब आप सक्षम होते हैं, तभी आपकी बात सुनी जाती है। जहाँ तक हथियारों की बात है, भारत शीघ्र ही पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।
प्रश्न 6: आज के युवाओं के लिए नेतृत्व को लेकर आपका क्या संदेश है?
उत्तर: मैं पिछले 52 वर्षों से वर्दी में हूँ, और वर्दी का अर्थ है अनुशासन। अनुशासन के साथ ऐसा कार्य करें जिससे पूरे देश को लाभ हो। आप सभी लीडर हैं खुद को देश का लीडर मानिए, भारत 2047 तक स्वयं विकसित बन जाएगा।
