द फॉलोअप डेस्क
नगर निकाय चुनाव की संभावना जैसे जैसे सच होती दिख रही है, मेयर पद के लिए विभिन्न दलों के कद्दावर नेता अपने रिश्तेदारों को प्रत्याशी बनाने में जुट गए हैं। जीतोड़ प्रयास प्रारंभ कर दिया है। धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए सबसे दिलचस्प स्थिति वहां भाजपा के भीतर दिख रही है। धनबाद में भाजपा के सभी प्रभावशाली लीडर वहां अपने अपने अपने रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में खड़ा करने के लिए उतावले हो रहे हैं। पार्टी का समर्थन प्राप्त करने में भिड़ गए हैं। इनमें धनबाद के भाजपा सांसद ढुल्लू महतो हैं तो पूर्व सांसद पीएन सिंह भी। भाजपा विधायक रागिनी सिंह भी। ढुल्लू महतो अपनी पत्नी सावित्री देवी को मेयर पद का प्रत्याशी बनाना चाहते हैं तो पीएन सिंह पुत्र प्रवीर प्रियदर्शी को। पूर्व भाजपा विधायक रागिनी सिंह पति और पूर्व विधायक संजीव सिंह के लिए मेहनत कर रही है। इसके अलावा कभी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे शेखर अग्रवाल पहले से ताल ठोक रहे हैं। वह धनबाद नगर निगम के मेयर भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार शेखर अग्रवाल के निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खड़ा होने की संभावना है। इसलिए कि पिछली बार भाजपा ने उनका समर्थन नहीं किया था। बावजूद शेखर अग्रवाल ने चुनाव जीत कर सबको चौंका दिया था। यहां मालूम हो कि मेयर पद का चुनाव दलीय आधार पर नहीं होने जा रहे हैं। लेकिन नेताओं की चाह, अपेक्षा और आकांक्षा है कि उन्हें अपने दल का समर्थन प्राप्त हो जाए।
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झामुमो और जेएलकेएम भी पीछे नहीं
धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए झामुमो से नीलम मिश्रा पूरी ताकत लगा रही है। अनौपचारिक रूप से उन्हें झामुमो का समर्थन भी मिल जाने की धनबाद में चर्चा है। उधर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से प्रकाश महतो शमां बांध रहे हैं। मतदाताओं और समर्थकों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

कांग्रेस नेता भी पीछे नहीं
धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस के भी कई नेता ताल ठोकना प्रारंभ कर दिया है। उनमें शमशेर आलम, राशिद रजा अंसारी, अभिजीत राज सरीखे नेताओं के नाम प्रमुख बताए जा रहे हैं। झामुमो और कांग्रेस से कई नेताओं के एक साथ चुनाव मैदान में उतरने के उतावलेपन से इन दोनों ही दलों के लिए किसी एक प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनाना काफी मुश्किल बताया जा रहा है।
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