logo

सैफी की गिरफ्तारी से खुला रंगदारी सिंडिकेट का राज, दुबई तक फैला फंड नेटवर्क और मनी ट्रेल की जांच तेज

Gangster_saifi_Alias.jpg

धनबाद
मेजर उर्फ सैफी, जो कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी सहयोगी है। जिसकी गिरफ्तारी के बाद रंगदारी सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक पूछताछ में सैफी ने गिरोह के आर्थिक तंत्र, शूटरों के संचालन और हथियार आपूर्ति से जुड़े कई अहम राज उगले हैं।  सैफी गिरोह में अहम भूमिका निभाता था। वह वारदात की योजना बनाने के साथ-साथ शूटरों का मैनेजमेंट, हथियारों की व्यवस्था और रंगदारी से वसूले गए पैसों का पूरा हिसाब-किताब संभालता था। ठेकेदारों और व्यापारियों से वसूली गई रकम का ब्योरा उसके पास रहता था और किस गुर्गे को कितनी राशि देनी है, इसका निर्णय भी वही करता था।दुबई तक कैसे पहुंचती थी रंगदारी की रकम 
सैफी ने यह भी बताया कि रंगदारी की रकम दुबई में बैठे प्रिंस खान तक पहुंचाने के लिए सैफी ही रास्ता और माध्यम तय करता था। उसने फंड ट्रांसफर के गुप्त नेटवर्क और इसमें शामिल कुछ संदिग्ध लोगों की जानकारी भी पुलिस को दी है। पुलिस अब मनी ट्रेल खंगालने में जुटी है। जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी उजागर हुआ है। सैफी वर्चुअल नंबर के जरिए व्यापारियों को धमकी देता था और वारदात के बाद स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से पर्चा वायरल कर दहशत फैलाता था। इस तरह डिजिटल और लोकल नेटवर्क का मिश्रण कर रंगदारी वसूली की जाती थी।स्थानीय सहयोगियों पर भी शिकंजा कसने की तयारी
सैफी ने पूछताछ में अपने कई स्थानीय सहयोगियों के नाम भी बताए हैं, जो व्यापारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे और धमकी वाले संदेशों को फैलाने में मदद करते थे। पुलिस इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

Tags - Jharkhand Dhanbad Prince Khan Saifi Alias Breaking Update