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धनबाद के भौंरा में 10 हजार ग्रामीणों का रास्ता बंद, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

धनबाद के भौंरा में 10 हजार ग्रामीणों का रास्ता बंद, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

धनबाद: 
धनबाद जिले के भौंरा स्थित जहाजतांड बस्ती की एकमात्र मुख्य सड़क को कथित तौर पर रातों-रात काटे जाने और कोयला खनन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। स्थानीय निवासी खेमलाल महतो की ओर से दायर याचिका में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स देवप्रभा के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 21 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे 100 से अधिक लोगों को लगाकर जहाजतांड बस्ती को भौंरा बाजार से जोड़ने वाली मुख्य सड़क को काट दिया गया, जिससे हजारों ग्रामीणों के आवागमन का संकट पैदा हो गया। 

2015 में 1.65 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क
याचिका के अनुसार, जहाजतांड बस्ती की यह सड़क वर्ष 2015 में राज्य सरकार की ओर से करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी। यह सड़क आसपास के करीब 10 हजार ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन थी। आरोप है कि सड़क काट दिए जाने के बाद ग्रामीणों के सामने आने-जाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। याचिका में सड़क काटने की कार्रवाई को लेकर BCCL और आउटसोर्सिंग एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

हाईकोर्ट ने DC और BCCL CMD को जांच का निर्देश दिया
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद के उपायुक्त (DC) और BCCL के CMD को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण कर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

2019 से 2023 तक वैकल्पिक सड़क का दिया गया था आश्वासन
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता नवीन कुमार ने अदालत में दलील दी कि BCCL की ओर से वर्ष 2019 से 2023 के बीच चार बार पक्की वैकल्पिक सड़क बनाने का लिखित आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि इन आश्वासनों के बावजूद वैकल्पिक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया और इसके बजाय ग्रामीणों के लिए इस्तेमाल होने वाली सार्वजनिक सड़क को ही काट दिया गया।

30 मीटर ऊंचे OB डंप से भी सुरक्षा का खतरा
याचिका में भौंरा के पास स्थित ओवरबर्डन (OB) डंप को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया है कि यह OB डंप 30 मीटर से अधिक ऊंचा है और करीब 90 डिग्री के सीधे ढलान पर बना हुआ है। याचिका में इसे सुरक्षा मानकों के विपरीत बताते हुए कहा गया है कि वैकल्पिक रास्ते से आवागमन करने वाले ग्रामीणों के लिए भूस्खलन और जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है।

1 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को होगी। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता नवीन कुमार ने अदालत के समक्ष ग्रामीणों की समस्याओं और सड़क से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों को रखा। मामले में अदालत की अगली सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
 

Tags - Dhanbad News Jharkhand High Court BCCL PIL Coal Mining