द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ झारखंड पुलिस को ऐतिहासिक सफलता मिली। इसके बाद डीजीपी अजय कुमार सिंह ने एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने मुठभेड़ में शामिल जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनके बीच इनाम की राशि का वितरण किया। नक्सलियों को चुनौती देते हुए डीजीपी ने कहा कि उनका समय अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। वे सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर हथियार डालते हुए मुख्यधारा में शामिल हों नहीं तो हमारे सुरक्षा बल उन्हें आमने-सामने की लड़ाई में ढेर कर देंगे। डीजीपी ने इसे पुलिस की बड़ी सफलता बताई। वहीं, इस मुठभेड़ के बाद चतरा जिले के जवानों के हौसले बुलंद हैं। उनका कहना है कि शेष बचे नक्सलियों को भी या तो ढेर कर दिया जाएगा या फिर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

दो वर्षों में नक्सलियों के विरुद्ध अच्छी सफलता मिली
सीआरपीएफ के एडीजी वितुल कुमार का कहना है कि बीते दो वर्षों में पुलिस को नक्सलियों के विरुद्ध अच्छी सफलता मिली है। डीजीपी के नेतृत्व में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के विरूद्ध रणनीति युक्त लगातार करारा प्रहार किया जा रहा है। शीर्ष उग्रवादियों की धर-पकड़ के लिए झारखंड पुलिस के नक्सल अभियान काफी प्रभावशाली सिद्ध हो रहे हैं।

टॉप पांच कमांडर मारे गए
मालूम हो कि सोमवार को चतरा पलामू सीमा पर लावालोंग थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में नक्सलियों के टॉप 5 कमांडर मारे गए थे। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में सैक कमांडर गौतम पासवान, अजीत उरांव उर्फ चार्लिस, सब जोनल कमांडर अमर गंझू, नंदू और संजीत भुइयां थे। सैक कमांडरों पर 25 लाख और सब जोनल कमांडरों पर पांच लाख का इनाम था। वहीं मौके से दो एके 47, एक इंसास और दो रेगुलर राइफल भी पुलिस ने बरामद किया था।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT