देवघर
विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को झारखंड-बिहार सीमा स्थित दुम्मा प्रवेश द्वार पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना, नारियल फोड़ने, फीता काटने एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, देवघर, सारठ एवं जरमुंडी के विधायक, जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की निगरानी में भव्य तैयारियां
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं श्रावणी मेले की तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मेले को प्लास्टिक मुक्त एवं नशामुक्त बनाने में सहयोग की अपील की। साथ ही मंदिर में पूजा सामग्री के लिए प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग पर भी बल दिया। 
इस वर्ष 55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
वहीं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष लगभग 53 लाख श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया था, जबकि इस वर्ष 55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले शिवभक्तों की सुविधा के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि सावन माह का सफल आयोजन देवाधिदेव महादेव की कृपा से ही संभव होता है और हम सभी केवल माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रद्धालु देवघर से सुखद अनुभव लेकर लौटेंगे और दोबारा आने के लिए प्रेरित होंगे।.jpeg)
'बोल बम' के जयघोष से गूंजा 105 किलोमीटर का कांवरिया पथ
श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किलोमीटर लंबा कांवरिया पथ "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठा है। गंगा जल लेकर नंगे पांव चलने वाले शिवभक्तों की लंबी कतारें केसरिया रंग में रंगे कांवरिया पथ को आस्था का अद्भुत स्वरूप प्रदान कर रही हैं। मखमली गंगा की बालू पर चलते हुए श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबाधाम की ओर बढ़ रहे हैं। राजकीय श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन का अनुभव मिल सके।