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झारखंड में संवैधानिक संस्थाओं की निष्क्रियता पर देवेन्द्र नाथ महतो ने उठाये सवाल

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द फॉलोअप डेस्क, रांची 
 
76वें गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने झारखंड के वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह एहसास दिलाता है कि हम एक लोकतांत्रिक और गणराज्य में रहते हैं जहां सरकारी कार्यों का संचालन जनता के हित में होना चाहिए। 

देवेंद्र नाथ ने कहा कि झारखंड में आज भी दर्जनभर से अधिक संवैधानिक संस्थाएं निष्क्रिय हैं जिनका कार्य लगभग ठप हो चुका है। इनमें राज्य सूचना आयोग, महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, बाल श्रमिक आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थाओं के अध्यक्ष पद रिक्त पड़े हैं, जिससे लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। कई विकास बोर्ड और आयोग जैसे झारखंड राज्य वन विकास निगम, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, पर्यटन विकास निगम, और अन्य भी बिना नेतृत्व के चल रहे हैं जिससे उनका कार्य पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा राज्य सरकार से मांग की कि इन संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति शीघ्र की जाए। जिससे राज्य के लोग विशेषकर मजदूर, छात्र, और किसान, जिन्हें न्याय की आवश्यकता है उन तक राहत पहुंच सके। महतो ने कहा झारखंड राज्य की स्थिति पर गंभीर मूल्यांकन की आवश्यकता है। देवेन्द्र नाथ महतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि 24 साल बाद भी राज्य में स्थानीय नीति, नियोजन नीति और अन्य आवश्यक नियामक प्रणालियाँ नहीं बन पाई हैं। जिससे प्रदेश के नागरिकों को सटीक योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने राज्य के समग्र प्रशासनिक ढांचे की निष्क्रियता पर सवाल उठाया और सरकार से सख्त कार्रवाई की अपील की ताकि राज्य में कानून और व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और झारखंड के लोग सच्चे गणराज्य का अनुभव कर सकें।

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