द फॉलोअप डेस्क
देवघर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 3 से 4 छात्रों के एक समूह ने मिलकर अपहरण, जेवर चोरी और ज्वैलरी दुकान में धमकी जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया। शुरुआत में ये तीनों घटनाएँ अलग-अलग प्रतीत हो रही थीं, लेकिन पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि सभी वारदातें एक ही समूह से जुड़ी हुई हैं। मंगलवार देर शाम नगर थाना पुलिस को तीन अलग-अलग सूचनाएँ मिलीं। पहली सूचना एक छात्र के अपहरण की थी। इस सूचना के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। इसके बाद दूसरी सूचना मिली कि एक छात्र अपने दोस्तों के साथ मिलकर घर से जेवर और नकदी चोरी कर रहा है। वहीं, तीसरी सूचना हदहदिया पुल क्षेत्र की एक आभूषण दुकान से जुड़ी थी, जहाँ कुछ लड़कों द्वारा दुकानदार को धमकाने की बात सामने आई।
शुरुआती तौर पर ये तीनों घटनाएँ अलग-अलग लग रही थीं, लेकिन जांच में यह एक ही समूह का कारनामा निकला। पुलिस जांच में यह सामने आया कि छात्रों का यह समूह मिलकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दे रहा था। ये छात्र अपने घरों से धीरे-धीरे जेवरात और नकदी चुरा रहे थे और फिर उसी सामान को बाजार में बेचने की कोशिश कर रहे थे। इतना ही नहीं, ज्वैलरी दुकानदारों पर दबाव और धमकी देकर सामान बेचने का प्रयास भी किया गया। चोरी से मिले पैसों को आपस में खर्च किया जा रहा था। एक अभिभावक ने पुलिस को बताया कि पिछले करीब सात महीनों से उनके घर से धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में जेवर और नकदी गायब हो रही थी। अनुमान के मुताबिक लगभग 10 लाख रुपये और करीब 180 ग्राम सोने के जेवर चोरी हो चुके हैं। इस खुलासे के बाद परिवार भी हैरान है कि बच्चे इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, परिजन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश में हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित छात्रों और एक आभूषण दुकानदार को थाना बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। थाना परिसर में दोनों पक्षों के करीब 20 लोग मौजूद हैं और मामले को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारी फिलहाल इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता बच्चों के भविष्य को लेकर जताई जा रही है। परिजन चाहते हैं कि मामला थाना स्तर पर ही सुलझ जाए, ताकि किसी भी बच्चे का भविष्य खराब न हो। यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है। साथ ही, यह सवाल भी उठता है कि आखिर किन परिस्थितियों में छात्र इस तरह के अपराध की ओर बढ़ रहे हैं।