द फॉलोअप डेस्क
देश में तेजी से फैलते साइबर अपराध के बीच झारखंड का जादूगोड़ा एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी जामताड़ा के नाम से पहचानी जाने वाली साइबर ठगी की दुनिया में अब जादूगोड़ा नया हॉटस्पॉट बनता दिख रहा है। पश्चिम दिल्ली में 7 लाख की ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस ने जमशेदपुर में छापेमारी कर दो आरोपियों को दबोच लिया है। दरअसल, दिल्ली में एक महिला से 7 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा में बड़ी छापेमारी की। इस दौरान जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के इचड़ा गांव से मुख्य आरोपी राज भगत को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके सहयोगी आकाश कालिंदी को जमशेदपुर के सीतारामडेरा इलाके से दबोचा गया। बताया जा रहा है कि छापेमारी के वक्त आकाश कालिंदी अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर सटीक सूचना जुटाई और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक अन्य आरोपी को देवघर से भी गिरफ्तार किए जाने की सूचना है, जिससे इस नेटवर्क के व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, पीड़िता हिमांशी अनुज की शिकायत पर पश्चिम दिल्ली में 16 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान मुख्य आरोपी की पहचान जादूगोड़ा के राज भगत के रूप में हुई, जिसके बाद दिल्ली से विशेष टीम झारखंड पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से इचड़ा गांव में छापेमारी कर राज भगत को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को घाटशिला अनुमंडल कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया। वहीं जादूगोड़ा थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा के अनुसार, राज भगत लंबे समय से साइबर अपराध में सक्रिय रहा है। उसका भाई राहुल भगत भी पहले इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि जादूगोड़ा के कोकदा, कुलडीहा और नवरंग मार्केट इलाके में साइबर अपराधियों का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो कम समय में अवैध तरीके से बड़ी संपत्ति खड़ी कर रहे हैं। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल विनोद, हरेंद्र और प्रवीण शामिल थे, जबकि स्थानीय स्तर पर जादूगोड़ा पुलिस ने पूरी घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
