रांची
झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री (Minister of Rural Development, Rural Works and Panchayati Raj) दीपिका पांडेय सिंह (Deepika Pandey Singh) ने आज रांची (Ranchi) के प्रोजेक्ट भवन (Project Bhawan) स्थित एनेक्सी (Annexe) में राज्य स्तरीय DISHA समिति (State-level DISHA Committee) की पहली बैठक (First Meeting) की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं (Centrally Sponsored Schemes) की प्रगति (Progress), उपलब्धियों (Achievements) और योजनाओं के क्रियान्वयन (Implementation of Schemes) में आ रही चुनौतियों (Challenges) की समीक्षा (Review) की गई। विशेष रूप से लंबित योजनाओं एवं कार्यों (Pending Schemes and Works) को चिह्नित कर उन्हें समयबद्ध तरीके (Time-bound Manner) से पूरा करने, स्वीकृत राशि (Sanctioned Funds) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक अड़चनों (Technical and Administrative Hurdles) को दूर करने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों को निर्देश दिया
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की समीक्षा केवल भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाया जाए और पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिले। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के पूर्ण होने के बाद भी राशि का निर्गमन लंबित रहना उचित नहीं है। संबंधित विभाग ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर उठाकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न लोक-कल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी योजनाओं की बिंदुवार व गहन समीक्षा की गई। इस क्रम में ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी अवसंरचना तथा मत्स्य पालन से जुड़े विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुति (Presentation) दी गई जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित अन्य केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों का आकलन किया गया, ताकि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

तकनीकी बाधाओं तथा क्षेत्रीय समस्याओं को पटल पर रखा
समीक्षा के क्रम में समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के संचालन में आम जनता को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं तथा क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से पटल पर रखा। जन प्रतिनिधियों के सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विभागीय पदाधिकारियों को जनहित में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी और अधिकारी सीधे धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
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संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर आपसी तालमेल और समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में गति लाई जाए, ताकि हर योजना पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए अधिक से अधिक नई योजनाओं की स्वीकृति हासिल करने हेतु संबंधित विभाग तत्काल विस्तृत एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करें और प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित करें, जिससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सके। बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, धनबाद विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, सचिव ग्रामीण विकास मनोज कुमार, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, सहित समिति हेतु नामित गैर-सरकारी सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
