द फॉलोअप डेस्क
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र की वैधता को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर एवं झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार के कक्ष में चल रही सुनवाई और बहस पूरी हो गई है। अब सभी की निगाहें रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो किसी भी समय सामने आ सकता है। सुनवाई के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों और विसंगतियों का हवाला देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की। वहीं नाथवानी की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने नामांकन को पूरी तरह वैध बताते हुए सभी आपत्तियों का जवाब दिया। सुनवाई समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ता रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष से बाहर निकल आए।

चुनाव पर्यवेक्षक भी हुए रवाना
राज्यसभा चुनाव के लिए नियुक्त राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जो इस चुनाव के पर्यवेक्षक की भूमिका में भी हैं, सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां से रवाना हो गए।

फैसले पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
विधानसभा परिसर में सुबह से ही कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक हलचल बनी हुई है। कांग्रेस जहां नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग कर रही है, वहीं भाजपा समर्थक उनके नामांकन को वैध बताते हुए समर्थन में डटे हुए हैं। ऐसे में रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार का फैसला राज्यसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है।