द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के कलेक्ट्रेट ऑफिस में डीसी कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में डीसी ने कहा कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से कोई भी नागरिक वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का निर्माण समय पर किया जाए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए टीम भावना के साथ कार्य करें और अपने-अपने स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
डीसी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। इस दौरान डीसी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि 15 सितंबर से पहले जिला अंतर्गत चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में कक्षाएं शुरू करनी हैं। बीडीओ स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि कक्षाएं समय पर शुरू हो सकें, और कमियों को चिन्हित कर समाधान करें।
सरना/मसना/जाहेरस्थान/कब्रिस्तान निर्माण को लंबित भूमि हस्तांतरण के संबंध में सभी अंचल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों और अस्पतालों की सेवा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित बीडीओ और वरीय पदाधिकारियों को निरीक्षण करने और कमियों को सुधारने के लिए पहल करने का निर्देश दिया गया।
डीसी ने कहा कि जनजाति समूहों को बेहतर शिक्षा और चिकित्सा मिले, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उचित संसाधन और सुविधा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी है। धरती आबा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना के तहत जिले में जितनी भी योजनाएं स्वीकृत हैं, उन सभी योजनाओं को 02 अक्टूबर से पहले पूर्ण करने का निर्देश सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को दिया गया।
डीसी ने कहा कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों का हेल्थ कार्ड बनाकर बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी रखें। प्रत्येक माह में स्वास्थ्य जांच कैम्प लगाएं। विभिन्न प्रखंडों में अध्ययनरत 12,373 बच्चों का बैंक खाता नहीं खुला है, जिला शिक्षा पदाधिकारी को एलडीएम के साथ समन्वय बनाते हुए कैम्प मोड में बैंक खाता खुलवाने और प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। 30 सितंबर से पहले 15 गैरविद्युतीकृत विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। दुर्गम क्षेत्र के 02 विद्यालयों को सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति से जोड़ने का निर्देश दिया गया। 15 विद्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाने की बात कही गई।
डीसी ने नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सभी सीओ को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का जल्द निर्माण प्राथमिकता है और नए आंगनबाड़ी केंद्र पोषक क्षेत्र में ही हो, ताकि उनकी उपयोगिता सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के तहत बिजली, पानी और पहुंच पथ की समीक्षा करने की बात भी कही।
जननी एवं शिशु के स्वास्थ्य सुरक्षा और पोषण को लेकर सभी बीडीओ/सीडीपीओ को निर्देश दिए गए कि पहले तिमाही में ही गर्भवती माताओं का पंजीकरण और ए.एन.सी जांच कराई जाए। साथ ही प्रत्येक गर्भवती माताओं का एमसीपी (जच्चा-बच्चा कार्ड) अपडेट रखें, यह टीकाकरण और जननी सुरक्षा के लिए जरूरी है। जिले में शिशु मृत्यु दर को शून्य करने के निर्देश भी दिए गए। कुपोषण उपचार केंद्र, बहरागोड़ा में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने और SAM बच्चों को चिन्हित कर एमटीसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
पेंशन योजनाओं के नॉन डीबीटी, आधार सीडींग को लेकर 26-29 अगस्त तक लगने वाले कैम्प के सफल संचालन के लिए प्रखंड प्रशासन को निर्देश दिए गए। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में रोस्टर के मुताबिक चिकित्सक और कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। सभी बीडीओ को पशु शेड स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी बैंक शाखा प्रबंधकों से पत्राचार की बात कही गई, जिससे लाभुकों के बैंक खाता से किसी योजना की राशि लंबित ऋण राशि के भुगतान के लिए न काटी जाए।
बैठक में डीडीसी नागेंद्र पासवान, एडीसी भगीरथ प्रसाद, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, डीटीओ, डीएमसी जेएनएसी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी अन्य सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी बीडीओ, सीओ, तकनीकी विभागों के अभियंता और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
