द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाए जाने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने असनी पंचायत अंतर्गत भलदम चट्टी खास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर इस विशेष सप्ताह का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में लगभग 30 से अधिक महिलाएं अपने शिशुओं के साथ उपस्थित थीं, जिनसे संवाद करते हुए उपायुक्त ने स्तनपान की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु का पहला और सर्वोत्तम आहार है, जो उसे न केवल कुपोषण से बचाता है, बल्कि उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की मजबूत नींव भी रखता है। उन्होंने माताओं को यह भी बताया कि मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सशक्त करता है और उसे कई गंभीर बीमारियों से दूर रखने में सहायक होता है।
जन्म के छह माह तक स्तनपान है अति आवश्यक: उपायुक्त
उपायुक्त ने अपने मातृत्व अनुभव भी साझा किए और कहा कि चाहे कितनी भी व्यस्तता क्यों न हो, प्रत्येक मां को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिशु को जन्म के छह माह तक केवल स्तनपान अवश्य कराया जाए। उन्होंने बताया कि स्तनपान से जहां शिशु को लाभ होता है, वहीं मां के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जैसे कि गर्भाशय का सामान्य स्थिति में लौटना, रक्तस्राव की कमी और स्तन कैंसर जैसी बीमारियों की संभावना में गिरावट।
कार्यक्रम उपरांत उपायुक्त द्वारा सात दिवसीय प्रचार रथ एवं LED रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह प्रचार रथ जिले के विभिन्न गांवों और पंचायतों में पहुंचकर स्तनपान के महत्व, इससे जुड़े भ्रांतियों के निराकरण तथा व्यवहारिक जानकारी को जनसामान्य तक पहुंचाने का कार्य करेगा। जिसका संचालन मुख्य रूप से जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, सिविल सर्जन गुमला, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी गुमला सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी सम्बंधित कार्यक्रमों में उपस्थित थे।
उपायुक्त ने इस अभियान को स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक मानवीय और जन-संवेदनशील पहल बताया और कहा कि यह केवल एक सप्ताह भर का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और स्थायी प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान की लगातार निगरानी वे स्वयं करेंगी ताकि जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह पहल पूरी संजीदगी के साथ कार्यान्वित हो सके।
उपायुक्त के निर्देश पर 7 दिवसीय कैलेंडर जारी
उपायुक्त द्वारा तैयार किए गए सात दिवसीय कार्ययोजना के अनुसार, 1 और 2 अगस्त को जिले के सभी 1689 आंगनबाड़ी केंद्रों में माताओं को स्तनपान के महत्व के विषय में जागरूक किया जा रहा है। 3 अगस्त को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं एवं माताओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनमें उन्हें स्तनपान की वैज्ञानिक पद्धतियों और लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
4 अगस्त को सभी पंचायत भवनों में फादर्स अवेयरनेस सेशन आयोजित होंगे, जिनमें बच्चों के पिता को भी स्तनपान विषयक जानकारी देकर उन्हें परिवार स्तर पर सहयोगी भूमिका के लिए प्रेरित किया जाएगा। 5 अगस्त को जिले में गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) श्रेणी के बच्चों की पहचान की जाएगी और उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
6 अगस्त को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर स्थानीय कलाकारों की सहभागिता से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनके माध्यम से पारंपरिक जनजातीय गीतों एवं नृत्य के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। 7 अगस्त को जिला समाहरणालय सभागार में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रतिभागियों को शपथ दिलाई जाएगी और स्तनपान को बढ़ावा देने वाले पंचायतों को ब्रेस्ट फ्रेंडली पंचायत के रूप में सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे पूरे सप्ताह अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गांवों में औचक निरीक्षण करें और फील्ड स्तर पर इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें।
