द फॉलोअप डेस्क
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिले के 110 से अधिक उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ एक विशेष ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, परीक्षा की अंतिम तैयारियों, बच्चों के पाठ्यक्रम की प्रगति और विद्यालयों में उपलब्ध भौतिक संसाधनों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने विशेष रूप से पाठ्यक्रम पूरा होने की स्थिति की समीक्षा की और उन प्रधानाध्यापकों पर नाराजगी जताई जिन्होंने सिलेबस पूरा कराने में लापरवाही बरती।
उन्होंने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और आईसीटी लैब की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी लैब कार्यशील रहें। नियमित निरीक्षण और सुधार सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को विद्यालयों से जोड़ा गया है। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जो प्रधानाध्यापक इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल नहीं हुए, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिन शिक्षकों ने सिलेबस पूरा नहीं कराया, जो विद्यालय में अनियमित हैं, बायोमेट्रिक उपस्थिति में अनुपस्थित हैं, या जिन्होंने नियमित रूप से रेल टेस्ट आयोजित नहीं किया और उसका परिणाम ऑनलाइन अपलोड नहीं किया, उन सभी का वेतन रोकने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि बोर्ड परीक्षा बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का आग्रह किया ताकि जिले के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर हो सके और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
