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43 लाख की साइबर ठगी के तार बिरसानगर से जुड़े, सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी के मकान में चल रहा था ठिकाना, 5 गिरफ्तार

43 लाख की साइबर ठगी के तार बिरसानगर से जुड़े, सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी के मकान में चल रहा था ठिकाना, 5 गिरफ्तार

 


जमशेदपुर: 
Jamsedpur News:
बिरसानगर में सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी के मकान से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क के तार जुड़े मिले हैं। दरअसल, रामगढ़ में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाताधारक से 43 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच करते हुए पुलिस इस ठिकाने तक पहुंची। गुरुवार को रामगढ़ और जमशेदपुर साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बिरसानगर जोन नंबर-2बी के ओमनगर रोड नंबर-1 स्थित मकान में करीब आठ घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान पांच युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 20 से अधिक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप, भारी मात्रा में नकदी और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए। मकान मालिक सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस मकान से साइबर ठगी का नेटवर्क कितने राज्यों में संचालित हो रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

43 लाख की ठगी की जांच में बिरसानगर पहुंची पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामगढ़ के एक व्यक्ति के बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्थित खाते से 43 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इस मामले में रामगढ़ साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले के आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका भी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान जांच में आरोपियों की लोकेशन बिरसानगर स्थित एक मकान में मिली। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर रामगढ़ साइबर थाना की टीम बुधवार को जमशेदपुर पहुंची। पुलिस ने पहले सादे कपड़ों में मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। शुरुआती जांच में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद गुरुवार को जमशेदपुर साइबर थाना की टीम को साथ लेकर संयुक्त छापेमारी की गई।

आठ घंटे की छापेमारी में पांच गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
पुलिस टीम ने मकान को चारों तरफ से घेरने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया। करीब आठ घंटे तक चले इस अभियान में पांच युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मकान से 20 से अधिक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, लैपटॉप, नकदी और अन्य संदिग्ध सामान जब्त किए हैं। अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सिम कार्ड की जांच की जा रही है, ताकि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस को आशंका है कि बरामद उपकरणों की जांच से साइबर ठगी के नेटवर्क की अन्य कड़ियां भी सामने आ सकती हैं।

देर रात लग्जरी गाड़ियों से आते-जाते थे युवक-युवतियां
स्थानीय बस्तीवासियों के अनुसार, मकान में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। लोगों का कहना है कि देर रात लग्जरी गाड़ियों से युवक-युवतियों का आना-जाना लगा रहता था। इस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई तो विवाद और मारपीट की स्थिति भी बनी थी। बस्तीवासियों ने पुलिस को बताया कि मकान में रहने वाले लोगों की गतिविधियां सामान्य नहीं लगती थीं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच में पुष्टि होना बाकी है। गुरुवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

मकान मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी को अपने मकान में चल रही गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं। मकान किन लोगों को और किन शर्तों पर किराये पर दिया गया था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार युवक-युवतियों के स्थानीय और दूसरे राज्यों में मौजूद संपर्कों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रामगढ़ में 43 लाख रुपये की ठगी के अलावा इस नेटवर्क ने झारखंड और दूसरे राज्यों में कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है।
 

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