द फॉलोअप डेस्क:
भाकपा माले ने SIR रद्द (SIR Cancellation) करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे (Resignation) और प्रवासी मजदूरों के शोषण (Migrant Workers Exploitation के मुद्दे पर आवाज उठाई है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित महेंद्र सिंह भवन में पार्टी के राज्य कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) आयोजित की गई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने देश में चल रहे जेन-जी आंदोलन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने की बाध्यता और वोट चोरी के आरोपों पर अपनी बात रखी। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि SIR रद्द करने की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन चल रहा है। वहीं, चुनाव आयोग के भीतर से वोट चोरी की घटनाओं के खुलासे सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी तेज हुई है। उन्होंने पीस बॉन्ड की जटिल शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार सीमित हो सकते हैं। उन्होंने आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा के पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने का भी उल्लेख किया।

गुजरात में झारखंड के प्रवासी मजदूरों के शोषण का आरोप
बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कॉमरेड विनोद सिंह ने गुजरात में झारखंड के प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न इलाकों, खासकर गिरिडीह जिले से गुजरात गए मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों से आठ घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है। साथ ही, उनकी साप्ताहिक छुट्टी भी समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कपड़ा मिलों समेत विभिन्न कारखानों में रविवार को भी मजदूरों को छुट्टी नहीं मिल रही है। विनोद सिंह के मुताबिक, मजदूरों के सम्मानजनक रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का प्रभावी संरक्षण मिलने के बजाय उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के पक्ष में मजबूत तथ्य रखे सरकार
निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने झारखंड में शिक्षा और रोजगार से जुड़े आंदोलनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े हालिया आंदोलनों में आइसा ने मजबूती से अपनी आवाज उठाई है। अब झारखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि वह न्यायालय में अभ्यर्थियों का पक्ष सही तथ्यों और तर्कों के साथ मजबूती से रखे। इस दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने आगामी सम्मेलनों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 21-22 नवंबर 2026 को गिरिडीह जिले के सरिया में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। वहीं, 28 से 30 नवंबर 2026 तक महाराष्ट्र के नागपुर में आइसा का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा इंकलाबी नौजवान सभा के सम्मेलन और भाकपा माले के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां भी चल रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त, पूर्व विधायक विनोद सिंह, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो भी उपस्थित रहे।