द फॉलोअप डेस्क
सिमडेगा में आदिवासी प्रदेश कांग्रेस के स्टेट कॉर्डिनेटर दिलीप तिर्की ने सिविल सर्जन को आवेदन देकर शांति भवन मेडिकल सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दिलीप तिर्की ने कहा कि शांति भवन मेडिकल सेंटर 100 बेड वाला बहुविशेषज्ञ अस्पताल है, लेकिन इसका संचालन राज्य सरकार के स्वास्थ्य नियमों, श्रम कानूनों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के विरुद्ध किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में आईपीएचएस मानकों के अनुसार आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई है और कई विभाग केवल कागजों में दिखाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और सपोर्ट स्टाफ की संख्या तय मानकों से काफी कम है। साथ ही, जरूरी डायग्नोस्टिक, लैब और इमरजेंसी सुविधाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। दिलीप तिर्की के अनुसार, यह अस्पताल एक मिशनरी ट्रस्ट के अंतर्गत पंजीकृत है, लेकिन वर्तमान में इसे कॉरपोरेट लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल का एफसीआरए लाइसेंस रद्द हो चुका है। इसके अलावा बिना विज्ञापन के उच्च वेतन पर की गई नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। अस्पताल का प्रदूषण लाइसेंस और फायर लाइसेंस भी नहीं है तथा भवन में रैंप की सुविधा भी नहीं है। दिलीप तिर्की ने सिविल सर्जन से इन सभी मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में जब सिविल सर्जन सिमडेगा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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