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भाजपा के मौन उपवास को कांग्रेस ने बताया राजनीतिक ढोंग, राकेश सिन्हा ने मांगा रोजगार और भर्ती घोटालों पर जवाब

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रांची 
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के द्वारा दिए गए बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जिस भाजपा के दस वर्षों के शासनकाल में देश का युवा पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती घोटालों से सबसे अधिक पीड़ित रहा, वही पार्टी आज छात्रों की सबसे बड़ी हितैषी बनने का नाटक कर रही है। यह राजनीति नहीं, बल्कि बेशर्मी की पराकाष्ठा है। दरअसल शुक्रवार को संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष झारखंड भाजपा के सांसदों ने मौन उपवास किया। वहीं आदित्य साहू ने कहा कि दिल्ली में गला फाड़-फाड़ कर प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस झारखंड के मुद्दे पर किस बिल में घुसी हुई है। उनके इस बयान के बाद दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। सिन्हा ने कहा कि आदित्य साहू को कांग्रेस पर उंगली उठाने से पहले अपने प्रधानमंत्री और भाजपा शासित राज्यों से जवाब मांगना चाहिए कि आखिर देश में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाएं के प्रश्न पत्र क्यों लीक हुईं। युवाओं को दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा क्यों छलावा साबित हुआ। लाखों सरकारी पद आज भी खाली क्यों पड़े हैं।

अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच हो
उन्होंने कहा कि भाजपा का मौन उपवास सबसे बड़ा राजनीतिक ढोंग है। संसद परिसर में एक घंटे बैठने से युवाओं को नौकरी नहीं मिलेगी। अगर भाजपा सांसदों में सचमुच हिम्मत है तो वे संसद में केंद्र सरकार से पूछें कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा सीबीआई जांच की मांग नहीं कर रही, बल्कि हर मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करना चाहती है। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि किसी भी भर्ती परीक्षा में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड मिले। लेकिन भाजपा को न्याय से अधिक राजनीतिक लाभ की चिंता है। उन्होंने कहा कि आदित्य साहू कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा के सांसद झारखंड के लिए विशेष पैकेज, उद्योग, रोजगार और रिक्त केंद्रीय पदों को भरने की मांग पर वर्षों से मौन हैं। जनता अब इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह पहचान चुकी है। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा "आर-पार की लड़ाई" की बात कर रही है। यह लड़ाई अब सच और झूठ के बीच होगी। एक तरफ युवाओं को जुमले, बेरोजगारी और चुनावी स्टंट देने वाली भाजपा है, दूसरी तरफ युवाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाली कांग्रेस है।

भाजपा को भ्रम छोड़ देना चाहिए

उन्होंने कहा कि भाजपा को यदि छात्रों की इतनी ही चिंता है तो वह पहले केंद्र सरकार के अधीन हुई सभी परीक्षा अनियमितताओं, रिक्त सरकारी पदों और रोजगार के वादों पर देश के सामने जवाब दे। केवल मशाल जुलूस निकालने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि झूठ को सौ बार बोलकर सच बनाया जा सकता है। झारखंड की जनता जानती है कि चुनाव आते ही भाजपा को छात्र, युवा, किसान और गरीब याद आने लगते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वही जनता अपने हाल पर छोड़ दी जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति मुद्दों की नहीं, बल्कि भ्रम, भय और प्रचार की राजनीति है। कांग्रेस इस दुष्प्रचार का हर स्तर पर जवाब देगी और छात्रों-युवाओं के अधिकारों पर किसी भी प्रकार की राजनीति को सफल नहीं होने देगी। राकेश सिन्हा ने अंत में कहा कि भाजपा के नेताओं को सलाह है कि वे कैमरों के सामने नौटंकी करने के बजाय अपने दस वर्षों के शासन का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाएं। झारखंड का युवा सवाल पूछ रहा है 'रोजगार कहाँ है?' इस सवाल का जवाब भाजपा के पास नहीं है, इसलिए वह झूठे आरोपों और राजनीतिक ड्रामे का सहारा ले रही है। जनता इस बार हिसाब लेकर रहेगी।

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