द फॉलोअप डेस्क
कोयलानगरी धनबाद से लेबर सेस का बकाया मामला सामने आया है। श्रम विभाग के मुताबिक, बीसीसीएल समेत कुल 13 कंपनियों पर 6.5 करोड़ रुपये से अधिक का लेबर सेस अब तक जमा नहीं किया गया है। बता दें कि, बकाया की वजह से भवन और दूसरे निर्माण कार्यों में शामिल मजदूरों के लिए चलाई जा रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं श्रम विभाग का कहना है कि समय पर सेस की वसूली नहीं होने से मजदूरों को मिलने वाली सरकारी सहायता में लगातार देरी हो रही है।

श्रम विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी कंपनी या व्यक्ति द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की कुल लागत का 1% लेबर सेस के रूप में जमा करना अनिवार्य है। यदि संबंधित कंपनी समय पर यह राशि जमा नहीं करती है, तो उसके खिलाफ नीलाम पत्र वाद दायर किया जा सकता है। इसके बाद बकाया राशि पर 2% प्रति माह की दर से ब्याज जोड़कर वसूली की जाती है। इसके बावजूद भी कई कंपनियां लंबे समय से सेस का भुगतान नहीं कर रही हैं। जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही उनका सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
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वहीं श्रम विभाग का कहना है कि यदि कंपनियां तय सीमा में राशि जमा नहीं करती हैं तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लेबर सेस की वजह से मजदूरों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मजदूरों के लिए चलाए गए कल्याण योजनाओं पर भी पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द बकाया सेस की वसूली कर पात्र मजदूरों को उनका हक दिलाया जाए।