Davos
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में राज्य की मजबूत मौजूदगी दर्ज करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कई वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात कर झारखण्ड में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे।
दावोस मंच पर झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार राज्य के रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री उच्च-स्तरीय बैठकों, पैनल चर्चाओं और द्विपक्षीय संवादों के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे।
बैठक के दौरान “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” झारखण्ड की मूल दृष्टि के रूप में सामने आएगा। राज्य यह संदेश देगा कि वह केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं, बल्कि बेहतर शासन, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, ब्लूमबर्ग सहित कई वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में हरित उद्योग, आधुनिक बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज और जलवायु के अनुकूल निवेश पर फोकस रहेगा।
इसके साथ ही 20 जनवरी को झारखण्ड पवेलियन का उद्घाटन होगा, जो राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजनाओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। दावोस में झारखण्ड की यह भागीदारी 25 साल के युवा राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
