द फॉलोअप डेस्क, रांची
CM News Nemara: मुख्यमंत्री Hemant Soren दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्ध से जुड़े रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों को पूरा करने में मनोयोग से जुटे हैं। लेकिन अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पैतृक गांव नेमरा में समय निकाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आज व्यक्तिगत एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर नेमरा पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनी। समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन लिए। फिर गंभीरता से उनकी बातों और समस्याओं को सुनने के बाद अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
आज गिरीडीह के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टि दिव्यांग पुत्री कालो कुमारी के साथ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। वहीं रांची जिले के सिल्ली हाकेदाग के विश्राम बेदिया ने बीमार पत्नी एतवारी देवी का समुचित इलाज कराने संबंधी बातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। रामगढ़ जिले के ही हेठबरगा निवासी राज बेदिया रोजगार उपलब्ध कराने एवं शारीरीक दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, ग्राम सॉंकी निवासी युवक ने अपने भाई अनू कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। इसी तरह से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी, जिसका जांचोपरांत आवश्यक समाधान का निर्देश दिया गया।
नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल
मुख्यमंत्री की पूजनीय माता के निधन से नेमरा गांव में शोक और संवेदना का माहौल है। दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के आम से लेकर खास लोग पहुंच रहे हैं। लोग उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्म पत्नी कल्पना सोरेन से मिलकर उनके प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर रहे हैं।
अधिकारियों के साथ बैठक भी की
मुख्यमंत्री ने आज नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर पुलिस पदाधिकारी व प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्ध (दशकर्म) तथा संस्कार भोज कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दशकर्म तथा संस्कार भोज में हजारों-हजार लोगों के आगमण की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारी की जाए। आगंतुकों की सुरक्षा, उनके वाहनों की पार्किंग, यातायात व्यवस्था से लेकर अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं से संबंधित तैयारी किए जाने से किसी को कोई असुविधा नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के गोला चौक पर एक छोटा गोलंबर की तरह सर्किल बनाने का निर्देश दिया, ताकि चारों तरफ से आने वाली वाहनों को घूमने में सहुलियत हो, यातायात व्यवस्था में व्यवधान नहीं हो और यहां की सड़क दुर्घटनाओं को समाप्त किया जा सके।