रांची
मुख्य सचिव अविनाश कुमार (Avinash Kumar) ने जेसोवा (JESOWA) के द्वारा सामाजिक सरोकारों (Social Causes) में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दिवाली मेला (Diwali Fair) केवल व्यापार और मुनाफे (Trade and Profit) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों (Underprivileged Sections) के कल्याण (Welfare), कला-संस्कृति (Art and Culture) के संरक्षण (Preservation) और सामाजिक दायित्वों (Social Responsibilities) के निर्वहन का भी एक सशक्त माध्यम (Powerful Medium) है। मुख्य सचिव गुरुवार को रांची (Ranchi) के मोरहाबादी मैदान (Morabadi Ground) में आयोजित झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (Jharkhand IAS Officers' Wives Association — JIASOWA) द्वारा आयोजित जेसोवा दीपावली मेला 2026 (JESOWA Diwali Fair 2026) के उद्घाटन कार्यक्रम (Inauguration Ceremony) में बोल रहे थे।

रचनात्मक गतिविधियों की सराहना
उन्होंने JIASOWA द्वारा विशेष बच्चों सहित अन्य बच्चों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के प्रयासों की सराहना की।उन्होंने कहा कि जेसोवा का यह प्रयास शिक्षा के प्रसार, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, कला-संस्कृति के संरक्षण और समाज के समग्र विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि JIASOWA दिवाली मेला देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों की कला, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जनहितकारी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने इन प्रयासों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया।
पुस्तकालयों के लिए तीन जिलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता
शिक्षा को बढ़ावा देने और जिलों में अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीसोवा ने तीन जिलों—चाईबासा, देवघर और दुमका—के पुस्तकालयों के लिए भी सहयोग राशि प्रदान की। प्रत्येक जिले को 15-15 लाख रुपये दिए गए। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने, ज्ञान एवं कौशल विकसित करने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत की शिक्षा देने के लिए श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये की सहयोग राशि दी गई। वहीं, बच्चों में कला एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्ट एंड क्राफ्ट के क्षेत्र में स्वास्तिका बनर्जी को भी 96 हजार रुपये प्रदान किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जा रही जानकारी
दिवाली मेले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में आम जनों के लिए सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी रही है। सरकारी योजनाओं से संबंधित पत्र पत्रिकाओं को निःशुल्क दिया जा रहा है। साथ ही सरकारी योजनाओं पर आधारित शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को LED टीवी के माध्यम से दिखाया जा रहा है। बारिश के बावजूद जेसोवा दिवाली मेले में लोगों का उत्साह देखने को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सितार और सरोद की जुगलबंदी, सुगम संगीत तथा नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। कठपुतली शो ने भी कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। (JIASOWA) की अध्यक्ष प्रीति कुमार ने जानकारी दी है कि मौसम की स्थिति एवं बारिश की संभावना को देखते हुए और मेले में शामिल वेंडर्स को आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से जेसोवा दिवाली मेला 2026 के समापन की तिथि में बदलाव करते हुए 2 नवंबर से 3 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
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