चतरा
चतरा जिले कुंदा प्रखंड के मरगड़ा गांव स्थित भारती टोला में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां सड़क नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए परिजनों को मोटरसाइकिल का सहारा लेना पड़ा। महिला को करीब 2 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से खराब रास्ते पर लाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सुगम सड़क नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को होती है।

मरीजों को चारपाई पर ढोना मजबूरी
ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण मरीजों को बाइक, चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। यह तस्वीर और घटना सरकार तथा जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़ा करती है। जब गांवों तक सड़क पहुंचाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, तो आखिर भारती टोला के ग्रामीणों को आज भी मरीजों को 2 किलोमीटर तक बाइक से क्यों ढोना पड़ रहा है?
झारखंड में ऐसी तस्वीर नई नहीं है
ग्रामीणों ने सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भारती टोला तक जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। बुधवार को ऐसी ही एक तस्वीर साहिबगंज जिला के बोरियो प्रखंड से सामने आई, जहां पुआल गांव में कई दशक पुरानी पक्की सड़क की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने कच्ची पगडंडी पर धान रोपकर विरोध जताया और अविलंब सड़क निर्माण की मांग की।
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