द फॉलोअप डेस्क
घाटशिला उपचुनाव को लेकर NDA और INDIA गठबंधन ने अपनी कमर कस ली है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन अपने बेटे बुलाल सोरेन के साथ लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं, भाजपा के प्रदेश स्तर के तमाम दिग्गज नेता पार्टी की जीत के लिए लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं।
ऐसे में आज चंपाई सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा,"घाटशिला विधानसभा अंतर्गत फूलपाल समेत कई स्थानों पर आदिवासियों की जमीन पर बांग्लादेशी घुसपैठिए कब्जा कर रहे हैं। धालभूमगढ़ समेत कई स्थानों पर सरकारी तथा वन विभाग की जमीनों पर हजारों घुसपैठियों को बसाया जा चुका है। इन्हें बचाने के लिए ही एसआईआर का विरोध किया जा रहा है। घाटशिला प्रखंड के हेंदलजुड़ी पंचायत में मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों की सूची में 172 मुस्लिम महिलाएं मिलीं, जबकि पूरे पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता।"
घाटशिला विधानसभा अंतर्गत फूलपाल समेत कई स्थानों पर आदिवासियों की जमीन पर बांग्लादेशी घुसपैठिये कब्जा कर रहे हैं।
— Champai Soren (@ChampaiSoren) October 13, 2025
धालभूमगढ़ समेत कई स्थानों पर सरकारी तथा वन विभाग की जमीनों पर हजारों घुसपैठियों को बसाया जा चुका है। इन्हें बचाने के लिए ही एसआईआर का विरोध किया जा रहा है।… pic.twitter.com/CEPGpX1lRW
उन्होंने आगे लिखा,"बगल के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत मटियाबांध पंचायत में 4,281 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की बात जिला उपायुक्त ने स्वीकार की, लेकिन उस संबंध में कोई जांच नहीं हुई। उनके माता-पिता कौन हैं? वे कहाँ से आए? सरकारी स्तर पर नगड़ी में आदिवासियों की जमीन छीनने की कोशिश हुई। अगर हम लोग आंदोलन नहीं करते, तो उस खेतिहर जमीन को भी लूट लिया जाता। पाकुड़ समेत संथाल परगना के हालात जगजाहिर हैं। इन घुसपैठियों को खुलेआम बढ़ावा दे रही राज्य सरकार की वजह से झारखंड में आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है। हमारी माटी, बेटी और रोटी संकट में है। इस परिस्थिति को बदलना होगा।"
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