द फॉलोअप डेस्क
सीबीआई की टीम ने 100 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में जमशेदपुर सेंट्रल एक्साइज विभाग के एडिशनल कमिश्नर रणविजय कुमार के बिष्टुपुर स्थित आवास में शनिवार को छापेमारी की। सीबीआई की टीम जमशेदपुर सेंट्रल एक्साइज विभाग के एडिशनल कमिश्नर रणविजय कुमार की तलाश में पिछले दो दिनों से जमशेदपुर में आकर रुकी हुई थी। शनिवार को टीम ने जुस्को कार्यालय के सामने स्थित एडिशनल कमिश्नर रणविजय कुमार के ए-10 बंगले में उनसे छह घंटे तक पूछताछ की। इस पूछताछ में कई अहम जानकारी मिलने का सीबीआई ने दावा किया हैं। टीम ने एडिशनल कमिश्नर का बयान भी दर्ज किया है। जिसके बाद अपने साथ कई अहम दस्तावेज ले गयी है। जिसका चार्जशीट में भी जिक्र किया गया है। टीम ने रणविजय कुमार की गिरफ्तारी से इनकार किया है।
इस मामले में टीम ने पटना कस्टम विभाग में एडिशनल कमिश्नर रहे रणविजय कुमार समेत 30 के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान सीबीआई को 100-100 ग्राम के सोने के साथ गोल्ड बार समेत कई अहम दस्तावेज और मोबाइल फोन भी मिले हैं। सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इन अधीक्षकों ने 100 करोड़ रुपये के फर्जी निर्यात दिखाये, जिसमें, 23 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जीएसटी शुल्क वाले सामान शामिल थे।
झारखंड-बिहार के 7 ठिकानों पर छापेमारी
बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम ने 100 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले के मामले में शनिवार को बिहार-झारखंड में कुल सात ठिकानों पर छापेमारी हुई। जिसमें फर्जी एक्सपोर्ट बिल दिखाकर जीएसटी रिफंड लिया गया। सीबीआई ने मामले में पटना व पूर्णिया में दो-दो ठिकानों समेत जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर में भी छापेमारा की है। इस मामले में बिहार के भीमनगर और जयनगर के दो उत्पाद आयुक्त और पटना के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर को अभियुक्त बनाया गया है। ये लोग आम लोगों के अलावा 23 फर्मों के नाम पर बोगस तरीके से टाइल्स और मोबाइल फोन के जीएसटी टैक्स रिफंड कराते थे। इससे इन लोगों ने सरकार को करोड़ों रुपयों की चपत लगायी है। साथ ही, करीब 100 करोड़ रुपये का बोगस तरीके से क्लेम भी किया है।
