चक्रधरपुर
रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में तैनात डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर सत्यम कुमार को 4 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
बिल पास कराने के बदले रिश्वत का खेल
सीबीआई के मुताबिक, सत्यम कुमार दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय, गार्डनरीच (कोलकाता) के कुछ अधिकारियों और एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत का खेल चला रहे थे। यह पूरा मामला रेलवे के करोड़ों रुपये के सिग्नल और टेलीकॉम कार्यों से जुड़ा है। आरोप है कि प्राइज वैरिएशन क्लॉज (पीवीसी) बिल, रनिंग अकाउंट (आरए) बिल और वैरिएशन फाइलों को मंजूरी दिलाने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी।
हावड़ा स्टेशन पर CBI का ट्रैप
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद पूरा जाल बिछाया और 25 जुलाई को हावड़ा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए सत्यम कुमार को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस के रवाना होने के दौरान की गयी। इस दौरान पैसों के लेन-देन की जानकारी सीबीआई को पहले से थी।
CBI जांच के घेरे में कंपनी प्रतिनिधि समेत कई लोग
इस मामले में सत्यम कुमार के अलावा एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि अमित तिबड़ेवाल और कंपनी के निदेशक अंकित अंचलिया समेत कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने अज्ञात रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सीबीआई अब इस पूरे मामले में रिश्वत के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।