तेलंगाना
तेलंगाना के हनमकोंडा जिले से पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां करीब 300 लावारिस कुत्तों को कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने दो सरपंचों, ग्राम सचिवों सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में पता चला है कि नरसापुर और शिवमपेट मंडलों के कुछ गांवों में सुनियोजित तरीके से एक कथित ‘किलिंग स्क्वाड’ को लगाया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें घातक इंजेक्शन दिए और बाद में उनके शवों को गांव के बाहरी इलाकों में गड्ढे खोदकर दफना दिया गया।

सामूहिक कब्रों के मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना ने पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में लागू पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ता) नियम, 2023 के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का प्रावधान है, न कि उनकी हत्या का। नियमों के अनुसार कुत्तों को न तो मारा जा सकता है और न ही उनके मूल स्थान से हटाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम बरामद अवशेषों की जांच कर यह पता लगाएगी कि किस प्रकार के रसायन का इस्तेमाल किया गया था। वहीं, राज्य सरकार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
