द फॉलोअप डेस्क
अगर आप एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो यह खबर आपको चौकन्ना कर देगी। हजारीबाग में एटीएम ठगी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में लुट गई, और हैरानी की बात यह है कि शिकायत के एक महीने बाद भी साइबर थाना हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति केवल 2,000 निकालने के लिए एटीएम गया था। इसी दौरान तकनीकी खराबी के कारण उसका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। परेशान पीड़ित की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मौके पर मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। कॉल के बावजूद कार्ड नहीं निकला। जब पीड़ित दूसरे एटीएम की ओर गया और वापस लौटा, तो देखा कि उसका कार्ड गायब था। इसके बाद जो हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। महज 10 मिनट के भीतर केबी वुमेंस कॉलेज के पास स्थित एटीएम से करीब 10 ट्रांजेक्शन कर 1,00,000 निकाल लिए गए। इसके कुछ देर बाद फिर 1,00,000 और निकाल लिए गए, यानी कुल मिलाकर 2,00,000 की ठगी कर ली गई।
पीड़ित ने तत्काल साइबर थाना हजारीबाग में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पूरे एक महीने बीत जाने के बावजूद न कोई गिरफ्तारी, न कोई ठोस कार्रवाई। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि हजारीबाग जेल में कार्यरत एक सिपाही है। यह मामला न सिर्फ साइबर अपराधियों के बढ़ते हौसले को उजागर करता है, बल्कि पुलिस और साइबर थाने की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जब वर्दी में तैनात कर्मी को न्याय नहीं मिल पा रहा, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा? अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एटीएम ठगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम लाखों की ठगी कर फरार हो जाएं? और क्या साइबर थाना केवल शिकायत दर्ज करने तक ही सीमित रह गया है?
