द फॉलोअप डेस्क
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर बुधवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने रथ को रवाना करते हुए कहा कि यह वाहन जिले के सभी प्रखंडों के पंचायत क्षेत्रों में जाकर किसानों को योजना के प्रति जागरूक करेगा और उन्हें फसल बीमा का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेगा।
जिला उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले फसल नुकसान से सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत जिले के किसान सिर्फ एक रुपये टोकन मनी के रूप में जमा कर बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
फसल बीमा के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज, स्व-प्रमाणित फसल बुवाई प्रमाणपत्र, यदि लागू हो तो नोटरीकृत बटाईदारी प्रमाणपत्र और एक सक्रिय मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। इच्छुक किसान नजदीकी प्रज्ञा केंद्र, बैंक शाखा, कॉपरेटिव सोसाइटी, पोस्ट ऑफिस या "फसल बीमा" ऐप व पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत किसानों के हिस्से के प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जबकि शेष राशि भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। कम वर्षा या विपरीत मौसम के कारण फसल बुवाई में विफलता होने पर, फसल कटाई के बाद खेत में रखी उपज को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पहुंचने पर, या थ्रेसहोल्ड उपज से कम उत्पादन होने की स्थिति में किसानों को बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना में ऋणी किसानों का बीमा उनकी ऋणदाता संस्था द्वारा स्वचालित रूप से किया जाएगा, जबकि गैर-ऋणी किसानों को निर्धारित समय के भीतर स्वयं आवेदन करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी और उद्यान पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को सही समय पर बीमा का लाभ दिलाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
