खुमताई, असम
कल्पना सोरेन को असम के खुमताई, नहरकटिया और मार्गेरीटा विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा। तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें यहां जनसभा को संबोधित करना था, लेकिन प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए हेलीपैड की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण वे खुमताई और नहरकटिया नहीं पहुंच सकीं। बताया गया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और JBP समर्थकों के बीच संबोधन का कार्यक्रम पहले से तय था। लेकिन प्रशासनिक अनुमति न मिलने के चलते योजना बाधित हो गई। इसके बावजूद कल्पना सोरेन ने हार नहीं मानी और मार्गेरीटा जाते समय सड़क मार्ग से यात्रा करते हुए फोन के जरिए खुमताई और नहरकटिया की जनता को संबोधित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की रुकावटों का अंदेशा पहले से था और सत्ता पक्ष द्वारा उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
इधर हेमंत सोरेन ने, असम में ही अपनी एक सभा में कहा कि उनकी कार्यक्रम में जुट रही भीड़ देखकर सत्ता पक्ष को परेशानी हो रही है। इसलिए लोगों को उनकी यानी, सीएम हेमंत सोरेन की सभा में आने से रोका जा रहा है।
सत्ता पर हमला, जनता से वोट के जरिए जवाब देने की अपील
कल्पना सोरेन ने अपने भाषण में तीखा हमला करते हुए कहा कि “आप रास्ता रोक सकते हैं, लेकिन जनआक्रोश नहीं रोक सकते। हेलीकॉप्टर रोका जा सकता है, लेकिन जनता के इरादे नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने खुमताई, नहरकटिया और मार्गेरीटा के मतदाताओं, खासकर चाय बागानों के मजदूरों, आदिवासी समाज, अल्पसंख्यकों, युवाओं और महिलाओं से 9 तारीख को भारी मतदान करने की अपील की।
चुनाव को बताया सम्मान और अधिकार की लड़ाई
अपने संदेश में उन्होंने इस चुनाव को केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि “सम्मान, पहचान, अधिकार और हिस्सेदारी” की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में जनता को दबाने की कोशिश हुई है, वहां लोग तीर-धनुष चुनाव चिह्न पर वोट देकर जवाब देंगे। अंत में उन्होंने नारा देते हुए कहा, “तीर-धनु हमारा अभिमान है, हमारी पहचान है और हमारे अधिकार की लड़ाई का प्रतीक है।” उन्होंने समर्थकों से अपील की कि 9 तारीख को मतदान के जरिए अपनी ताकत दिखाएं और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें।