द फॉलोअप डेस्क
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने विधानसभा में रखी गई सीएजी रिपोर्ट में उजागर हजारों करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते आदित्य साहू ने कहा कि राज्य सरकार एकतरफ पैसे का रोना रोती है। गरीब कल्याण योजनाओं को लागू करने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करती है। पैसे नहीं मिलने की बात करती है, लेकिन सच्चाई क्या है वह सीएजी की रिपोर्ट बता रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट है कि राज्य सरकार 14वें वित्त आयोग के 486करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा नियम नहीं बनाने के कारण नहीं मिले, 258 करोड़ रुपए खर्च नहीं कर सकी। गांव, पंचायतों के विकास के लिए मिले पैसे का कैसे बंदरबांट हुआ है, पंचायत भवनों के निर्माण में अनियमितताएं बरती गई, योजनाओं की सोशल ऑडिट नहीं कराई गई।

वित्तीय अनियमितता का हाल ऐसा कि 7592 करोड़ रुपए के उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिले हैं। झारखंड सरकार में घोटालों की श्रृंखला खड़ी हो रही है। वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर है। आम आदमी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा। युवाओं की वेकेंसी रोज रद्द हो रही, स्कूल में शिक्षक नहीं, बच्चो को किताब नहीं, स्कूल ड्रेस नहीं, छात्रवृत्ति नहीं, अस्पताल में दवाई नहीं, एम्बुलेंस नहीं डॉक्टर नहीं, किसानों को धान खरीद के पैसे नहीं। DMFT फंड का दुरूपयोग, घोटाला लगातार जारी है। इसलिए झारखंड सरकार राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन पर श्वेतपत्र जारी करे। वहीं आदित्य साहू ने यह भी मांग किया की राज्य के खजाने से हुए हजारों करोड़ रुपए की लूट की सीबीआई जांच हो।
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