द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के देवघर में केंद्र सरकार ने बाबाधाम की धरती पर ब्रह्मोस मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य में रक्षा उत्पादन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। सांसद निशिकांत दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 13 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर देवघर में ब्रह्मोस यूनिट स्थापित करने की मांग की थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। देवघर के मोहनपुर प्रखंड के तिलौना क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ सरकारी जमीन पहले से ही चिन्हित की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि यह जमीन करीब आठ वर्ष पूर्व आरक्षित की गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट स्थापित होने से देवघर, केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूर्वी भारत का महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन केंद्र बन सकता है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और कुशल रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही ऑटो पार्ट्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों का भी विकास होगा, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक इकोसिस्टम मजबूत होगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह कदम रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल की हालिया सफलताओं के बाद इसकी मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।