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BSL के सभी गेट बंद, नियोजन की मांग पर 8वें दिन भी भूख हड़ताल पर विधायक श्वेता सिंह

BSL के सभी गेट बंद, नियोजन की मांग पर 8वें दिन भी भूख हड़ताल पर विधायक श्वेता सिंह

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देते हुए बोकारो की विधायक श्वेता सिंह भी लगातार आठ दिनों से आंदोलनकारियों के साथ भूख हड़ताल पर बैठी हैं। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन ने अब और उग्र रूप ले लिया है। शनिवार सुबह आंदोलनकारियों ने बीएसएल के सभी गेट बंद कर दिए, जिससे संयंत्र के संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार शाम आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक श्वेता सिंह ने बीएसएल के मुख्य गेट को भी बंद करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि पिछले दो दिनों से मुख्य गेट को छोड़कर संयंत्र के अन्य सभी गेट बंद रखे गए थे, लेकिन मांगों पर पहल नहीं होने के कारण शनिवार से मुख्य गेट भी बंद किया जाएगा। इसके बाद शनिवार सुबह आंदोलनकारियों ने संयंत्र के सभी गेट बंद कर दिए।


प्रबंधन ने भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की
गेट बंद होने के बाद बीएसएल प्रबंधन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विस्थापितों से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। प्रबंधन ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट केवल अपने कर्मचारियों की आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि पूरे बोकारो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और जनजीवन का भी महत्वपूर्ण आधार है। संयंत्र के सुचारु संचालन पर ठेका श्रमिकों, आपूर्तिकर्ताओं, ट्रांसपोर्टरों, छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका निर्भर करती है। प्रबंधन के अनुसार, मौजूदा गतिरोध के कारण संयंत्र में कच्चे माल और अन्य जरूरी सामग्रियों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे प्लांट के संचालन पर भी असर पड़ रहा है। प्रबंधन ने आशंका जताई है कि यदि लंबे समय तक परिचालन बाधित रहा, तो इससे संयंत्र, कर्मचारियों और पूरे क्षेत्र को नुकसान उठाना पड़ सकता है।


भर्ती के नियमों का दिया हवाला
नियोजन की मांग पर प्रबंधन ने कहा है कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियुक्तियां भारत सरकार के निर्धारित नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की जाती हैं। प्रबंधन ने विस्थापितों से आंदोलन समाप्त कर बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने का आग्रह किया है। फिलहाल बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन जारी है। एक तरफ आंदोलनकारी अपनी मांगों पर ठोस पहल चाहते हैं, तो दूसरी तरफ प्रबंधन संयंत्र के परिचालन और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर का हवाला देकर भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील कर रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है।

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