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बोकारो : सदर अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट ने ड्यूटी रूम में फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

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बोकारो 
बोकारो के कैंप-दो स्थित सदर अस्पताल में कार्यरत फिजियोथैरेपिस्ट वीरेंद्र कुमार महतो 42 ने गुरुवार देर रात अस्पताल के फिजियोथैरेपी कक्ष में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई जब अस्पताल के गार्ड विशाल कुमार ने कक्ष का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाने पर उन्होंने वीरेंद्र को रस्सी के सहारे पंखे से लटका पाया। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह और बीएस सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोमिया के रहने वाले थे वीरेंद्र महतो
जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र कुमार महतो मूल रूप से गोमिया के रहने वाले थे और सेक्टर-1सी स्थित आवास में परिवार के साथ रहते थे। कुछ दिन पहले वे अपने पैतृक गांव गए थे। गुरुवार सुबह वे सीधे सदर अस्पताल पहुंचे और सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक फिजियोथैरेपी कक्ष में मरीजों का इलाज किया। इसके बाद वे बाहर निकले, लेकिन घर नहीं पहुंचे। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे वे दोबारा अस्पताल लौटे और फिजियोथैरेपी कक्ष में प्रवेश करने के बाद अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। 
देर रात घर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश
देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों से संपर्क किया। कर्मचारियों ने बीएस सिटी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वीरेंद्र के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कराई, जिससे पता चला कि मोबाइल अस्पताल के आसपास सक्रिय था। इसके बाद अस्पताल परिसर में तलाश शुरू की गई। इसी दौरान गार्ड ने फिजियोथैरेपी कक्ष में उनका शव लटका हुआ देखा।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की जांच
पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र शाम करीब 5:30 बजे अस्पताल में दोबारा प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। यह भी जानकारी मिली है कि घटना से पहले उन्होंने मोबाइल के जरिए अपने खाते से पत्नी के खाते में कुछ राशि ट्रांसफर की थी और उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया था। हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। बीएस सिटी थाना के इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में वीरेंद्र ने यह कदम उठाया।
सिविल सर्जन ने जताया दुख
सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वीरेंद्र कुमार महतो शांत स्वभाव के, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी तनावग्रस्त नहीं देखा गया। ऐसे में यह घटना सभी के लिए बेहद दुखद और आश्चर्यजनक है। फिलहाल पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है।

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