द फॉलोअप डेस्क
बोकारो में रविवार को 27वां कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिटी पार्क स्थित शहीद उद्यान में अखिल भारतीय सैनिक परिषद की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके अदम्य साहस, शौर्य तथा सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पूर्व सैनिकों ने साझा किए कारगिल युद्ध के अनुभव
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को देशभक्ति तथा राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। पूर्व सैनिक नायक गंगेश्वर तिवारी ने कहा कि आज भारतीय सेना तकनीकी रूप से पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और आधुनिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के समय संसाधन सीमित थे, लेकिन भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर विजय हासिल की। उन्होंने युवाओं से देश सेवा के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र की सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं होता।

इंजीनियर विंग की भूमिका और युवाओं से सेना में आने की अपील
पूर्व सैनिक शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि युद्ध के दौरान और उसके बाद भारतीय सेना के इंजीनियर विंग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि युद्ध क्षेत्र में दुश्मनों द्वारा बिछाई गई लैंडमाइन को निष्क्रिय करना बड़ी चुनौती होती है, ताकि सैनिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, नायक राम बाबू सिंह ने बताया कि उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान लगातार 14 दिनों तक मोर्चे पर डटे रहकर देश की रक्षा की थी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक करियर तक सीमित न रहें, बल्कि भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा को भी अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के सम्मान में मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।