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राज्यकर्मियों का वेतन भुगतान नहीं होने पर भाजपा ने कहा-राजकोष कंगाल और सिस्टम हो गया बेहाल

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द फॉलोअप, रांची
राज्य सरकार के कर्मचारियों-अधिकारियों को अब तक सैलरी भुगतान नहीं होने पर भाजपा ने हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि झारखंड में पिछले 26 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि महीने की 11 तारीख तक भी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने इसे सरकार की वित्तीय बदइंतजामी करार दिया। साथ ही कहा है कि राजकोष कंगाल और सिस्टम बेहाल हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के पेरोल पर करीब 2 लाख 35 हजार 930 अधिकारी और कर्मचारी हैं, जो वेतन पर निर्भर हैं। इसके अलावा 40 से 45 हजार संविदाकर्मी भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों की EMI तक प्रभावित हो रही है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर संकट मंडरा रहा है।

दूसरी ओर झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले पर बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस मामले की जांच CID से कराने पर कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर घोटाले की जांच CID से क्यों करा रही है, जबकि जिला स्तर पर डीडीओ आमतौर पर DSP या ASP स्तर के अधिकारी होते हैं। ऐसे में उन्हीं रैंक के पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने ही समकक्ष अधिकारियों की जांच कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि CID में भी DSP और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी होते हैं, जिससे जांच की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।


बीजेपी प्रवक्ता ने मांग की कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों—CBI और ED—से कराई जाए। उनका कहना है कि यह घोटाला करोड़ों रुपये का है और इसके तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घोटाले से जुड़ी रकम को दूसरे राज्यों के खातों में ट्रांसफर किया गया है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। शाहदेव ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है और अब कर्मचारियों के घरों की अर्थव्यवस्था भी चरमरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज लेकर भी वेतन भुगतान करने में असमर्थ है, जिससे साफ है कि वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह विफल हो चुका है।

Tags - Jharkhand BJP State employees salary payment delay treasury scam CID CBI demand