रांची
भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह (Manoj Singh) ने जानकारी दी है कि प्रदेश अध्यक्ष (State President) आदित्य साहू (Aditya Sahu) के निर्देशानुसार "लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ" अभियान (Save Democracy, Remove Anarchy Campaign) के तहत पदयात्रा कार्यक्रम (Foot March Campaign) आयोजित किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत (Campaign Launch) 2 नवंबर को रांची (Ranchi) से होगी। दीपावली (Diwali) से पूर्व पहले चरण (First Phase) में छह जिलों (Six Districts) में पदयात्रा निकाली जाएगी, जबकि छठ महापर्व (Chhath Festival) के बाद शेष जिलों (Remaining Districts) में कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रत्येक जिले में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता (Party Workers) एवं आम लोग (General Public) शामिल होंगे। कार्यक्रमों की सफलता के लिए जिलावार प्रभारियों (District-wise In-charges) की नियुक्ति (Appointment) भी की गई है।

प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह को प्रभारी बनाया गया
सिंह ने बताया कि 2 नवंबर को रांची में आयोजित पदयात्रा के लिए प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह को प्रभारी बनाया गया है। 3 नवंबर को गिरिडीह में होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी तथा हजारीबाग के लिए पूर्व विधायक बिरंची नारायण प्रभारी होंगे। 4 नवंबर को पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, 5 नवंबर को जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा कार्यक्रम के प्रभारी बनाए गए हैं।

मकसद कांग्रेस को जवाब देना
सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग एवं अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल खड़े करने की राजनीति का जवाब देना है। चुनाव में हार मिलने के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की हताशा और निराशा को दर्शाता है। देश की जनता अराजकता नहीं, बल्कि स्थिरता, सुशासन और विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध एवं पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया के प्रति जनता को जागरूक किया जाएगा। मृत, स्थानांतरित, दोहरे एवं अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

देश आपातकाल के उस काले दौर को नहीं भूला
सिंह ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और संविधान की दुहाई दे रही है, लेकिन देश आपातकाल के उस काले दौर को नहीं भूला है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलते हुए संविधान की मर्यादाओं को तार-तार किया था। गांधी परिवार ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर परिवार को रखने की राजनीति की है। आज वही कांग्रेस चुनावी हार के बाद लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
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जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी
उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश की घटनाओं के संदर्भ में भारत में तख्ता पलट की अराजक सोच रखने वालों को देश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता कांग्रेस की इस दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करेगा। पदयात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, सुशासन और विकास कार्यों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
