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चांडिल डैम के विस्थापितों से मिले आदित्य साहू, हेमंत सरकार को बताया संवेदनहीन

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द फॉलोअप डेस्क:

चांडिल डैम के विस्थापित राजभवन के सामने 30 अक्टूबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं। आमरण अनशन करने वाले 12 लोगों में 6 महिलाएं हैं। गुरुवार को बीजेपी प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने विस्थापितों से मुलाकात की। उनकी मांगों को सुना। आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से इनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। 

आदित्य साहू ने विस्थापितों की मांगों का समर्थन किया
आदित्य साहू ने कहा कि विस्थापितों की मांगें जायज है और भारतीय जनता पार्टी इनका समर्थन करती है। आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्रियों का आवास राजभवन के पास ही है। यहां दर्जन भर लोग 4 दिन से भूखे-प्यासे बैठे हैं, बावजूद इसके सरकार का कोई नुमाइंदा इनसे मुलाकात करने नहीं आया। आदित्य साहू ने कहा कि अनशन में बैठे 6 लोग अस्पताल में भर्ती हैं पर हेमंत सरकार के कानों में जूं भी नहीं रेंगी। 


आदित्य साहू ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण नकारात्मक
आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार का दृष्टिकोण अमानवीय है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि अनशन स्थल की बिजली काट दी गई। शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद आंदोलनकारियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया गया। आदित्य साहू ने कहा कि चांडिल डैम बनने से 84 मौजा के 116 गांव के लोग विस्थापित हो गए। सरकार ने ग्रामीणों को विस्थापित पुस्तिका उपलब्ध कराई लेकिन पुनर्वास नहीं किया। सांसद ने कहा कि जिनका पुनर्वास हुआ भी तो उन्हें जमीन का पट्टा नहीं मिला। नतीजा ये है कि उनका स्थानीय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा। 

आदित्य साहू ने इस बीच राजभवन में दूरभाष से वार्ता कर विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल से राज्यपाल की मुलाकात कराने का आग्रह किया।